वैलेंटाइन डे विरोधी संगठनों का U-Turn, जबरदस्ती मनवा रहे हैं दिवस, जानें क्यों?

वैलेंटाइन डे जोक्स Valentines Day Jokes
वैलेंटाइन डे प्रेरक दस्ता...

By Dhamaal

दिल्ली/भोपाल/लखनऊ। वैलेंटाइन डे विरोधी संगठनों ने अपनी नीति में भारी बदलाव किया है। इन संगठनों ने तय किया है कि वे कपल्स को सार्वजनिक स्थलों पर खुलकर वैलेंटाइन डे मनाने को प्रेरित करेंगे ताकि उनका विरोध करने का मौका मिल सके। कुछ संगठनों ने तो इसी साल से इसकी शुरुआत भी कर दी।

वैलेंटाइन डे विरोधी दल के प्रमुख हरिप्रसाद सिंह बमबम ने स्वीकार किया कि हमारी सख्ती के कारण अब कपल्स आज के दिन (14 फरवरी) खुले में प्रेम का इजहार करने से बचने लगे हैं। इस वजह से हमें उनका विरोध करने का मौका ही नहीं मिल पा रहा है, जिससे हमारे लोग फ्रस्टेटेड फील कर रहे हैं। इसी फ्रस्टेशन में आज सुबह हमारे लोगों ने आपस में ही मारपीट कर ली। सिंह ने कहा, “अब क्या करें। कुछ तो फ्रस्टेशन दूर हो। इसलिए भाई लोगों ने आपस में ही लठ्ठ चला लिए।”

इसी तरह विश्व वैलेंटाइन खिलाफत परिषद के संयोजक रामेश्वर चुनचुनवाला ने कहा कि युवा फिर से निडर होकर वैलेंटाइन डे मना सकें, इसके लिए हमें आने वालों सालों में काफी मेहनत करनी होगी। हमने इसी साल से प्रयास शुरू कर दिए हैं। आज ही हमारे कार्यकर्ताओं ने करीब 20 कपल्स को उनके घरों/कॉलेजों से जबरदस्ती निकालकर बगीचों में एकांत जगह उपलब्ध करवाई। इतना ही नहीं, हमने यह भी निगरानी की कि कोई उन्हें डिस्टर्ब न करें। एक फैमिली वालों ने ऑब्जेक्शन लिया तो हमने उन्हें मार-मारकर भगा दिया।

कपल्स ने की शिकायत, जबरन मनवाया वैलेंटाइन डे :

इस बीच, एक शादीशुदा जोड़े ने hindisatire.com को बताया कि आज वे बगीचे में आपस में झगड़ रहे थे। तभी वैलेंटाइन डे विरोधी कुछ लोग आए और उन्होंने हमें जबरदस्ती वैलेंटाइन डे मनाने को मजबूर किया।

इसी तरह एक कॉलेज छात्रा ने बताया कि आज वह अपनी क्लास में अपने क्लासमेट के साथ बैठकर कुछ सवालों पर डिस्कस कर रही थी कि कुछ लोग हमारे पास आए। उन्होंने कहा कि वे वैलेंटाइन डे विरोधी हैं। वे हमें जबरदस्ती बगीचे में ले गए और हमसे कहा कि हम एक-दूसरे को गुलाब का फूल दें। हमने जब मना किया तो उन्हाेंने गिड़गिड़ाते हुए कहा, “बहना, फूल दे दें, ताकि हम कुछ तो विरोध कर सके।” हमारे द्वारा इससे मना करने पर उन्होंने हमारी पिटाई कर दी।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल हास्य-व्यंग्य करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)