सर्दी की भविष्यवाणी के लिए केजरीवाल के मफलर पर नजर रखेगा मौसम विभाग

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नई दिल्ली/पुणे। सर्दी की शुरुआत के साथ ही मौसम विभाग ने राजधानी में ‘केजरीवाल विंग’ बनाने का निर्णय लिया है। यह विंग शीतकाल के दौरान AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल की ‘मफलर गतिविधियों’ पर नजर रखेगी ताकि उसके आधार पर शीतलहर की सटीक भविष्यवाणी की जा सके। मफलर पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट या ड्रोन की मदद ली जा सकती है।

यह फैसला आज सुबह मौसम विभाग के डायरेक्टर और आला अफसरों की एक बैठक में लिया गया। बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि मौसम संबंधी इतने सैटेलाइट छोड़ने के बाद भी हम ठंड या शीतलहर का सही आंकलन नहीं कर पाते हैं। इस पर बैठक में उपस्थित एक वरिष्ठ अफसर ने सुझाव दिया कि अगर हम अरविंद केजरीवाल के मफलर को टारगेट कर लें तो सर्दी का सही-सही अनुमान लगा सकते हैं।

मफलर एक बड़ा संकेतक :

इस अफसर का लॉजिक था कि सर्दी को लेकर केजरीवाल से बड़ा संकेतक कोई हो नहीं सकता। इस अफसर ने कहा- “टीवी पर अरविंद केजरीवाल को मफलर में देखते ही लोगों की भी कंपकंपी छूट जाती है। वे भी मान लेते हैं कि ठंड का मौसम आ गया है। इसलिए हमें उनके मफलर की गतिविधियों पर ही नजर रखनी चाहिए। अगर मफलर केवल गले में लटका पड़ा है तो हम 12 से 15 डिग्री सेल्शियस तापमान की भविष्यवाणी कर सकते हैं। अगर मफलर ने उनके सिर और कानों को लपेट रखा है तो शीतलहर का प्रकोप पक्का समझिए।”

बनेगी केजरीवाल विंग : 

इस सुझाव पर मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. पीएल सुब्रमणियम ने तत्काल प्रभाव से केजरीवाल विंग बनाने के निर्देश दिए। यह विंग राजधानी दिल्ली में काम करेगी। अरविंद केजरीवाल के मफलर पर नजर रखने के लिए उपग्रह इन्सैट AK-67 का इस्तेमाल किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसके लिए ड्रोन की भी मदद ली जा सकती है।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)

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