सौतन बनी फेसबुक : पत्नी उवाच

फेसबुक को लेकर चल रहे विवाद के बीच ये कविता पढ़ सकते हैं… 

भाड़ में जाए लेखनी और
भाड़ में जाए आप
फेसबुक मुझे डंस रहा
बनकर काला साँप
पहले घर के काज में
रोज बढ़ाते हाथ
जबसे आया फेसबुक
छोड़ दिये है साथ
सौतन मेरी बन गयी
ले गई पति उड़ाय
कैसे मैं बर्णन करूँ
बिरह सहा न जाए।
– कवी अवि