केजरी मफलर हटते ही क्यों संकट में आ गया मौसम विभाग?

kejriwal-muffler , kejriwal-muffler jokes, अरविंद केजरीवाल का मफलर कहां गया? , केजरीवाल का मफलर पर जोक्स, केजरीवाल पर जोक्स, kejriwal jokes, मौसम विभाग जोक्स, jayjeet, जयजीत अकलेचा
इस तस्वीर को देखते ही मौसम विभाग के अफसरों के होश फाख्ता हो गए।

By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क, नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल द्वारा मफलर को अपनी जिंदगी से बाहर निकाल फेंकने के बाद मौसम विभाग के समक्ष नया संकट खड़ा हो गया है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि अब वह सर्दी की सटीक भविष्यवाणी कैसे करेगा। वर्षों से केजरी मफलर ही विभाग की भविष्यवाणियों का आधार रहा है।

 
दो दिन पहले केजरीवाल ने एक ट्वीट कर मफलर को अपनी जिंदगी से हटाने का ऐलान किया था। इस ऐलान के बाद से ही मौसम विभाग सदमे में बताया जा रहा है। विभाग के एक वरिष्ठ अफसर ने सदमे से बाहर निकलकर कहा, ‘हम पिछले कुछ सालों से सर्दी की सटीक भविष्यवाणी कर ही इसलिए पाए क्योंकि हमारे पास केजरी मफलर नामक संकेतक था। उपग्रह इन्सैट AK-67 चौबीसों घंटे केजरी मफलर पर नजर रखकर मफलर गतिविधियों की पल-पल की जानकारी देता था। मसलन कब निकला, कब पहना गया, सिर के ऊपर पहना या गले में लपेटा, कब हटा आदि जैसी तमाम अपडेट यह उपग्रह देता और इन्हीं जानकारियों के एनालिसिस के आधार पर हमारे वैज्ञानिकों की एक टीम सटीक भविष्यवाणी करती।’
 
अब क्या करेंगे, इसके जवाब में उस अफसर ने बताया, ‘हमने इसरो से एक नया सैटेलाइट लान्च करने का आग्रह किया है। दो साल में जब वह लॉन्च हो जाएगा, तब हम फिर से सटीक भविष्यवाणियां कर सकेंगे। तब तक बस अंदाजा लगाते रहिए।’ इतना कहकर वह अफसर वापस सदमे की रजाई में घुस गया।
 
कहां है मफलर? :
अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मफलर की लिंचिंग-विंचिंग हो गई है या उसे किसी डिटेंशन सेंटर में भेज दिया गया है। इस बारे में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी मफलरों पर एनआरसी लागू नहीं होगा।
हमारा संवाददाता मफलर से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। उससे संपर्क होते ही आपको पूरी जानकारी दी जाएगी।

(Disclaimer : इसका मकसद केवल हास्य-व्यंग्य करना है। किसी मफलर की निजता का उल्लंघन करना नहीं।)

नीचे पढ़ें वह ट्विट जो केजरीवाल ने दो दिन पहले किया था :