जब ‘बेबी अलाव’ ने ‘मम्मी अलाव’ से पूछा- मां, इन बड़े-बड़े अलाव का लोग क्या करते हैं?

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By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क। इन दिनों देश के कई हिस्सों में लोग बसों को जलाकर CAA का विरोध कर रहे हैं। ऐसे में अभी-अभी दुनिया में आए नन्हें अलाव के मन में भी बहुत कुछ सवाल थे। पढ़िए अपनी मां यानी मम्मी अलाव के साथ बेबी अलाव की बातचीत के मुख्य अंश :

बेबी अलाव : मम्मा, ये इतने बड़े-बड़े अलाव किसके हैं? मैं तो पहली बार देख रहा हूं।
मम्मी अलाव : बेटा, ये राक्षसों के हैं। तरह-तरह के राक्षसों के। तू दुनिया में अभी आया है। नहीं तो मैं तो कब से देखते आ रही हूं।

बेबी अलाव : ये राक्षस क्या करते हैं?
मम्मी अलाव : ये राजनीति करते हैं।

बेबी अलाव : पर अलाव में क्या करते हैं?
मम्मी : बेटा, इसमें ये अपनी रोटियां सेंकते हैं।

बेबी : ये राक्षस किस रंग के होते हैं?
मम्मी : तुम बच्चों को हमेशा रंगों की ही क्यों पड़ी रहती है?

बेबी : बताओ ना मम्मा।
मम्मी : ये अलग-अलग रंगों के होते हैं बेटा। कोई लाल, कोई केसरिया, कोई नीला, कोई तीन-रंगा।

बेबी : तो हम इन्हें रंगों से पहचान सकते हैं?
मम्मी : नहीं बेटा, रंग तो केवल ऊपरी है। अंदर से तो इन सभी का एक ही रंग है- काला।

बेबी : तो हम इन्हें पहचानेंगे कैसे?
मम्मी : तू, बहुत सवाल करने लगा है।

बेबी: तो अब क्या सवाल भी न करुं? मुझे तो चिंता होने लगी है।
मम्मी : पब्लिक को चिंता नहीं है, तू चिंता कर रहा है! वो देख, गरीब पब्लिक आ रही है।

बेबी अलाव : समझ गया मां, मैं काम पे लगता हूं…