लोग चाइनीज पिचकारी खरीदने सुबह-सुबह ही क्यों निकल पड़े?

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By Jayjeet

हिंदी सटायर टीम। मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी की टैगिंग से बचाने के चाइनीज कदम का सबसे ज्यादा असर सोशल मीडिया पर सक्रिय भारत के मध्यमवर्गीय लोगों पर पड़ा है। इस वजह से आज उन्हें सुबह से ही चाइनीज पिचकारियां, बलून वगैरह खरीदने के लिए बाजार भागना पड़ा। देश के तमाम शहरों के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ने की खबरें हैं। लोगों को डर है कि दोपहर तक #BoycottChineseProducts जैसे कैम्पेन शुरू होने के बाद हो सकता है वे कुछ नहीं खरीद पाए।

इस संबंध में hindisatire की टीम को भी सुबह से ही काम पर लगना पड़ा। टीम ने अलग-अलग शहरों में लोगों से बात की। भोपाल के रहवासी रमेशचंद्र भारतवंशी ने चाइनीज पिचकारी खरीदने की खुशी को छिपाते हुए कहा, “आज सुबह जैसे ही मैंने अखबार में मसूद वाली खबर पढ़ी, अखबार को साइड में पटकरकर मैंने मुन्नू को साथ लिया और तुरंत कार उठाकर मॉर्केट भागा। मार्केट में पहले से ही लोगों की भारी भीड़ थी। शुक्र है एक पिचकारी तो मिल गई। अब चाइनीज बलून ढूंढ रहा हूं।”

वहीं दिल्ली के चांदनी चौक पर जब हमारे संवाददाता ने बात करने की कोशिश की तो लोगों ने यह कहकर हमें डपट दिया कि भेन के बीप बीप बीप…., बाद में बात करना। हमें पहले पिचकारी और बलून खरीद लेने दो। कहीं कैम्पेन चालू नहीं हो जाए।

और चालू हो गया कैम्पेन….

और खबर लिखे जाने तक ट्विटर पर #BoycottChineseProducts और #BoycottChineseGoods चालू भी हो चुका था। जब हमने चाइनीज पिचकारी खरीदने वाले एक शख्स से कहा कि भाई साहब, अब क्यों खरीद रहे हो। अब तो कैम्पेन चालू हो गया है तो उसने उल्टा ही हमसे पूछ लिया, “देख, मैं जब घर से निकला था, तब तक कैम्पेन चालू नहीं हुआ था। तो मुझ पर ये नियम लागू नहीं होता।”

जब हमने एक लेडी से यह कहा तो उसने कहा, “भैया अब तो मैंने खरीद ली। मैं अब कुछ नहीं जानती.. और यह आप लोगों की गलत बात है। ऐसी चीजों के बारे में पहले बताया करो ना…अब हम इसमें क्या करें??”

हमारे संवाददाता ने जब एक यंग महिला को इस कैम्पेन के शुरू होने के बारे में बताया तो उसने कहा, “Yaa…रियली…? ऑब्वयसली, हमें चाइनीज प्रोडक्ट का बॉयकाट करना चाहिए, पर एक्चुअली क्या है कि …”। हमारे संवाददाता ने यह सुना भी नहीं और दुकानदार से पूछा, “चाइनीज पिचकारी है क्या?” दुकानदार ने कहा, “लेट हो गए हो बाबू, सब खतम हो गई..।”

(Disclaimer : यह खबर कपोल कल्पित है। इसका मकसद भारतीय मानसिकता पर हास्य-व्यंग्य करना है, किसी की मानहानि करना नहीं। )