रंग बदलने वाली कार से परेशान हुए देशभर के नेता

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इसी कार को देखकर नेताओं को जलन हो रही है...

हिंदी सटायर डेस्क। देश के सैकड़ों नेताओं ने अलग-अलग अदालतों में उस कंपनी के खिलाफ केस ठोक दिए हैं, जिसने रेसर के मूड के अनुसार रंग बदलने वाली कार बनाने का दावा किया है। दर्ज मामलों में दलील दी गई है कि रंग बदलने का अधिकार केवल भारतीय नेताओं को है। इसके लिए वे गिरगिटों के कंसोर्टियम को भारी-भरकम रायल्टी भी चुकाते हैं। इस संबंध में मीडिया में ऐसी खबरें छपी थीं कि ब्रिटेन की फॉर्मूला-1 टीम ने रेसर के मूड के अनुसार रंग बदलने वाली कार ईजाद की है।

दर्ज मामलों में एक ही दलील दी गई है कि कंपनी ने ऐसा करके भारतीय नेताओं और गिरगिटों के बीच 1947 में हुई ‘राइट टु कलर चैंजेस ट्रिटी’ (रंग बदलने का अधिकार संधि) का उल्लंघन किया है। इस संधि के तहत गिरगिटों ने नेताओं को रंग बदलने का गुण ट्रांसफर किया था। इसके बदले में नेता, गिरगिटों को रॉयल्टी के तौर पर हर साल भारी राशि चुकाते हैं जिसके लिए नेताओं को काफी ‘जनसेवा’ करनी पड़ती है।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल हास्य-व्यंग्य करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)