Satire : पंजाब में अमरिंदर और सिद्धू की लड़ाई से खुश हुई कांग्रेस!

congress , satire on congress, कांग्रेस पर व्यंग्य, sidhu vs captian , navjot singh sidhu vs captain amrinder, सिद्धू पर व्यंग्य, राजनीतक व्यंग्य
By Jayjeet

10 जनपथ पर स्थित बड़े से बंगले के बड़े से गेट के बाहर फुटपाथ पर आज अचानक कांग्रेस अम्मा से मुलाकात हो गई। किनारे बैठी हुई। लेकिन घोर आश्चर्य, पोपले मुंह पर बड़ी ही स्मित मुस्कान! रिपोर्टर को रुकना ही था। अम्मा से यह दूसरी मुलाकात थी।

रिपोर्टर : पहचाना अम्मा?

कांग्रेस अम्मा : अरे हां, रिपोर्टर ना?

रिपोर्टर : बड़ी तेज याददाश्त है आपकी। मान गए आपको!

कांग्रेस अम्मा : बूढ़ी हो गई तो क्या हुआ, अब भी कुछ सांसें चल रही हैं (पोपले मुंह से जोरदार ठहाका)।

रिपोर्टर : आज बड़ी खुश नजर आ रही हों?

कांग्रेस अम्मा : बात ही ऐसी है। पंजाब से बड़ी अच्छी खबर आ रही है।

रिपोर्टर (चौंकते हुए) : अच्छी खबर? वहां तो आपके ही दो बेटे आपस में लड़ रहे हैं।

कांग्रेस अम्मा : यही तो अच्छी खबर है।

रिपोर्टर : कांग्रेस के दो नेता आपस में लड़ रहे हैं। इसमें क्या अच्छाई है?

कांग्रेस अम्मा : एक राज्य में कांग्रेस के पास दो-दो नेता हैं और दोनों की दोनों एक-दूसरे पर भारी। बेटा इससे अच्छी खबर और क्या होगी?

रिपोर्टर : पर वे तो आपस में लड़ रहे हैं अम्मा? (रिपोर्टर ने यह बात तीसरी बार रिपीट की)

कांग्रेस अम्मा : लड़ तो रहे हैं? यह कम है क्या? कांग्रेसियों को लड़ते हुए देखे तो जमाना हो गया। पर तुम मीडियावालों को कांग्रेस की खुशी देखी नहीं जाती। (बुढ़ापे की वजह से अम्मा शायद भूल गई कि थोड़े बहुत तो उसके राजस्थान के बेटे भी लड़े थे।)

रिपोर्टर : ऐसी बात नहीं है अम्मा। बंगाल में जब बीजेपी की हार पर आपने मोतीचूर के लड्डू बंटवाए थे, तो हम सबने बराबर खाए थे। हमारे ही कई लोगों ने तो खुद बंटवाए थे। पर अम्मा पंजाब में कांग्रेसियों के इस तरह लड़ने से क्या संदेश जाएगा? अच्छी बात है ये क्या?

कांग्रेस अम्मा : बेटा वही तो नहीं समझ रहे हो तुम। खुद को बड़ा रिपोर्टर कहते हो। भैया, इससे तो कांग्रेसियों में जान फूंक जाएगी। उन्हें इस बात का एहसास होगा कि वे भी लड़ सकते हैं। केवल घर बैठकर चर्बी चढ़ाना ही एकमात्र ऑप्शन नहीं है।

रिपोर्टर : लेकिन लड़ना तो सरकार के खिलाफ चाहिए ना?

कांग्रेस अम्मा (थोड़ी नाराजगी के साथ) : नवजोत क्या कर रहा है? सरकार के खिलाफ ही तो लड़ रहा है ना?

रिपोर्टर : पर वहां तो आपकी ही सरकार है? वहां वे क्यों लड़ रहे हैं?

कांग्रेस अम्मा : बेटा सरकार आज है, कल न रहे, पर अगर लड़ना सीख लिया तो यह दूसरी सरकारों के खिलाफ भी काम आएगा कि नहीं? बता, तू तो रिपोर्टर है ना!

रिपोर्टर ने बुढ़िया से ज्यादा मगजमारी करना मुनासिब नहीं समझा। आखिरी सवाल पर आ गया।

– अम्मा, चलिए आप खुश तो हम खुश। पर आप तो ये बताओ, उप्र में चुनाव आ रहे हैं। बाकी पार्टियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। आपकी क्या तैयारी है?

कांग्रेस अम्मा : उप्र? ये क्या है? (कुछ याद आने के बाद) अच्छा, योगी के उत्तर प्रदेश की बात कर रहा है? तैयारी कर रहे हैं हम, बिल्कुल कर रहे हैं।

रिपोर्टर : वही तो पूछ रहे हैं। क्या तैयारी कर रहे हैं?

कांग्रेस अम्मा (10 जनपथ निवास की ओर इशारा करते हुए) : वो अंदर जाकर पूछो ना, वे ही बताएंगे?

रिपोर्टर : अरे अम्मा, हमारी वहां तक कहां पहुंच है। आप तो पहुंच सकती हैं। आप ही बताइए ना।

कांग्रेस अम्मा : बेटा, पहुंच तो मेरी भी कहां है! इसीलिए तो फुटपाथ पर बैठकर पंजाब को लेकर खुशी मना रही हूं। चल अब यहां से जा, अंदर कोई समझौता हो जाए और सब पहले ही तरह घर बैठ जाएं, उससे पहले इस बुढ़िया को खुशी मना लेने दें। ऐसे मौके बार-बार नहीं आते।

(ए. जयजीत खबरी व्यंग्यकार हैं। अपने इंटरव्यू स्टाइल में लिखे व्यंग्यों के लिए चर्चित हैं।)
congress , satire on congress