टुच्ची-सी रिश्वत लेते हुए पकड़ में आए अफसर, विपक्ष ने कहा- राज्य की नाक कटा दी

corruption , red-handed,corruption in india, भारत में भ्रष्टाचार रैंकिंग, रिश्वत, रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ में आना, हास्य व्यंग्य, राजनीतिक व्यंग्य, political satire, caught red handed meaning in hindi

By Jayjeet

हिंदी सटायर, भोपाल। मप्र के छतरपुर जिले में एक सब इंस्पेक्टर को महज 5 हजार रुपए और उमरिया जिले में एक एसडीएम को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ में आने के मामले में विपक्ष ने सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया है। इस बीच, सरकार ने भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताते एक समिति गठित करने का ऐलान कर दिया है। सरकार रिश्वत की न्यूनतम राशि को 20 हजार रुपए करने पर भी विचार कर रही है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने यहां शुक्रवार को विधानसभा के बाहर पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा, “आठ माह में ही कमलनाथ सरकार मप्र को फिर से बीमारू राज्य की श्रेणी में ले आई है। सब-इंस्पेक्टर और एसडीएम जैसे पदों पर बैठे लोग पांच-पांच दस-दस हजार जैसी टुच्ची रिश्वत लेने को मजबूर हो रहे हैं। और सबसे बड़ी चिंता की बात तो यह है कि रिश्वत लेने के बाद रंगे हाथों पकड़ में भी आ रहे हैं। ऐसी घटनाओं से प्रदेश की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंच रहा है। इस मामले में हम प्रदेश को जितनी ऊंचाई पर ले गए थे, कमलनाथ सरकार ने उसे उतना ही नीचे गिरा दिया है। ऐसी सरकार को राज्य में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, जहां अफसर ढंग से रिश्वत भी न ले पाएं।”

सरकार भी गंभीर, जांच के लिए कमेटी बनाई :

अपुष्ट सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कर्णधार ने राज्य में दिनों-दिन बढ़ रही ऐसी घटनाओं पर गहन चिंता जताई है। उन्होंने एक वरिष्ठ अफसर को फोन पर हड़काते हुए कहा, हम यहां विपक्षी विधायकों को चुपचाप अपने पाले में लाने में जी-जान लगा रहे हैं और तुम्हारे नाकारा अफसर चुपचाप से रिश्वत भी नहीं ले पा रहे। और पांच-पांच हजार की रिश्वत लेकर हमारी नाक अलग से कटा रहे हैं। उन्होंने रिश्वत लेते हुए पकड़ में आने वाले अफसरों को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करने के आदेश दिए। माना जा रहा है कि कर्णधार ने कैबिनेट के अन्य कर्णधारों से भी कहा है कि वे रिश्वत लेने के कौशल का विकास जमीनी स्तर तक सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ कहा कि जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक हम समग्र विकास की उम्मीद नहीं कर सकते।
इस बीच, टुच्ची रिश्वत लेकर पकड़ में आने वाले मामलों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सरकार ने जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का भी फैसला लिया है। कमेटी इस बात पर भी निर्णय लेगी कि राज्य की प्रतिष्ठा के मद्देनजर क्या रिश्वत की न्यूनतम राशि को 20 हजार रुपए तक किया जा सकता है? कमेटी को अगली सरकार के गठन से पहले अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

(Disclaimer : यह खबर भयंकर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद सिस्टम पर केवल कटाक्ष करना है, किसी की, रिश्वतखोरों की भी, मानहानि करना नहीं।)