उबड़-खाबड़ सड़कों का श्रेय सरकार को देने से भड़के आर्टिस्ट, कहा- यह तो मेरी कला है!

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By jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क, मुंबई। विदेशी मूल के एक जाने-माने एब्स्ट्रैक्ट आर्टिस्ट (अमूर्त कलाकार) ने दावा किया है कि भारत की सारी उबड़-खाबड़ सड़कें उन्होंने ही चित्रित की है। उनके अनुसार जो छोटे-बड़े गड्‌ढे, उनमें भरा पानी और इधर-उधर गिट्‌टी-पत्थर नजर आ रहे हैं, वह उनकी अमूर्त कला की थ्री-डी अभिव्यक्ति है।

सालों से भारत में रहकर धूल, मिट्‌टी, गंदी नालियों, धुएं इत्यादि को अपनी कला का विषय बनाने वाले आर्टिस्ट टियोनार्डो द किंची मीडिया में आ रही सड़कों से संबंधित खबरों से बेहद आहत हैं। किंची ने कहा, “जो काम सरकारों या उनके विभागों ने किया ही नहीं, उसके लिए उन्हें श्रेय देना ठीक नहीं। फिर आप जिन्हें खराब सड़कें बता रहे हैं, वह तो मेरी कला है। मैंने ही अलग-अलग राज्यों में जाकर बड़ी लगन से थ्री-डी इम्पैक्ट सड़कें पेंट की है।”

किंची ने hindisatire.com को एक ऐसी ही आर्टिस्टिक थ्री-डी सड़क पर दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, “हिंदुस्तान में लोगों को कला की परख नहीं है। इतनी अद्भुत क्रिएटिविटी और कहां मिलेगी? देखिए, सड़क का टूटा हुआ भाग और गड्‌ढे किस तरह से एकाकार हो रहे हैं। क्या आपको पता चल रहा है कि कहां सड़क है, कहां गड्‌ढे? आपको तो यह भी पता नहीं चल पा रहा होगा कि यह सड़क है या कला?”

कहां से आया आइडिया?

किंची पिछले करीब दो दशक से भारत की अमूल्य धरोहरों को अपनी अमूर्त कला का विषय बनाते आ रहे हैं। इन्हें ऐसा करने का पहली बार आइडिया तब आया, जब इन्होंने कुछ साल पहले मप्र के एक गांव में एक आदिवासी बालक को खुले में शौच करते देखा। इसके बाद इन्होंने इस पर अपनी अमूर्त कला की एक लंबी सीरीज चलाई। इंटरनेशनल लेवल पर क्रिटिक्स द्वारा अच्छा रिस्पांस मिलने के बाद किंची यहीं भारत में ही बस गए। सड़कों से पहले इन्होंने झुग्गी बस्तियों से निकलते गंदे पानी और उसमें बिलबिलाते कीड़ों को अपने कैनवस में ढाला है। इस सीरीज के कई चित्र दुनिया की सभी बड़ी आर्ट गैलरियों में प्रदर्शित किए गए हैं।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और व्यवस्था पर कटाक्ष करना है।)