Satire : अफसरों और मौसम के बीच साठगांठ का खुलासा, दो टेप सामने आए

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भोपाल। मप्र में एक दिन पहले हुई ओलावृष्टि अौर बारिश के सिलसिले में प्रदेश के अफसरों और मौसम के बीच साठगांठ का मामला उजागर हुआ है। इस संबंध में मौसम और एक वरिष्ठ अफसर के बीच बातचीत का एक टेप हिंदी सटायर के हाथ लगा है। इससे पता चलता है कि यह केवल प्रकृति का सामान्य प्रकाेप नहीं था। इसमें अफसर को मौसम से ‘मेहरबानी’ करने का निवेदन करते सुना गया। अफसर मौसम से कहता है- “मप्र में हमें कोई रोकने-टोकने वाला नहीं है। बस थोड़ी-सी बारिश और थोड़ी ओलावृष्टि कर दो। फिर देखना, हम कैसा कमाल करते हैं।” हालांकि मौसम को इस मेहरबानी के बदले में क्या मिलेगा, यह साफ नहीं हो पाया।

दूसरा टेप भी आया :

इस बीच, एक दूसरा टेप भी सामने आ गया है। इसमें दोनों के बीच जो बातचीत हुई, उसे हूबहू यहां पेश किया जा रहा है :
अफसर : यह क्या किया? केवल 400 गांवों में ही फसलें बर्बाद की।”

मौसम : अरे तो और क्या चाहिए? क्या यह मुआवजा कम होगा? करोड़ों का होगा।

अफसर : यह केवल मेरी बात थोड़ी है..

मौसम : मैं समझा नहीं..

अफसर : तुम्हें कुछ पता नहीं। देखो फिफ्टी परसेंट तो किसानों को मिल जाएगा। बचे फिफ्टी में से ही हम सबको बंटेगा ना, संत्री से लेकर नेताओं तक सब को। तो हम अफसरों को क्या मिलेगा? बाबाजी का ठुल्लू!

मौसम : अब किसानों का भी थोड़ा ध्यान रखना पड़ता है। सारे किसान अभी एकसाथ जमीन बेच देंगे तो तुम्हारी जमीन के भाव नीचे जा जाएंगे। फिर तुम बाद में क्या बेचेगाे-खरीदगो? बाबाजी का ठुल्लू!

अफसर : ये तुमने सही बोला। चलो इसी से काम चलाते हैं…। पर अगले साल जरा ध्यान रखना भाई।

(Disclaimer : यह खबर कपोल कल्पित है। इसका मकसद केवल सिस्टम पर कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)