होली कब है, कब है होली जैसे डायलॉग्स से सीखें गुरु गब्बर के मैनेजमेंट फंडे / Gabbar Funny Video

By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क। गब्बर सिंह के बारे में तो आप सभी जानते ही होंगे। लेकिन यह नहीं जानते होंगे कि वे केवल डाकू नहीं थे, बल्कि मैनेजमेंट के गुरु भी थे। वो तो केवल हम लोगों के दिमाग में मैनेजमेंट की बातें ठूंसने के लिए, हमें इंस्पायर करने के लिए उन्हें बंदूक उठानी पड़ी। ‘होली कब है, कब है होली’ (Holi kab he, kab he holi) जैसे उनके विश्व विख्यात डायलॉग्स के जरिए सीखते हैं Guru Gabbar से मैनेजमेंट के कुछ फंडे … (वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें…)

1.होली कब है, कब है होली….

गुरु गब्बर अक्सर यह डायलॉग क्यों बोलते हैं? हमें यह सिखाने के लिए कि हमेशा भविष्य की प्लानिंग करके रखो। जो-जो इवेंट्स आने वाले हैं, उन्हें हमेशा दिमाग में रखो। साथ ही अपने लक्ष्य को ओझल मत होने दो। इसलिए बार-बार दिमाग को उंगली करते रहो, जैसे होली कब है, कब है होली… ।

2. जो डर गया, समझो मर गया…

गुरु गब्बर इसके जरिए यह कहना चाहते हैं कि आप चाहे कोई भी काम करो, आपको जिंदगी में रिस्क तो लेनी होगी। अगर आप रिस्क लेने में डर गए तो समझो आपके सपने भी उसी समय से मर गए।

3. यहां से पचास-पचास कोस दूर जब रात को बच्चा रोता है…

अपने इस बेहद इंस्पायरिंग डायलॉग के जरिए गुरु गब्बर दो बातें कहना चाहते हैं- एक, अपने ब्रांड/इमेज को इतना मजबूत बनाओ कि सब पर उसका प्रभाव हमेशा बना रहे। दूसरी, आपका अपना जो ब्रांड है, उस पर प्राउड करो, उसकी इज्जत करो। आप नहीं करोगे तो दूसरा भी नहीं करेगा।

4. अरे ओ साम्बा, कितना इनाम रखे है सरकार हम पर…

इसमें भी गुरु गब्बर खुद के ब्रांड को प्रमोट करने का ही ज्ञान दे रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार अपनी ब्रांडिंग करना आज के कॉम्पिटिशन के जमाने में बहुत महत्वपूर्ण है। नहीं करोगे तो कहीं के नहीं रहोगे।

5. कितने आदमी थे …

गुरु गब्बर कहना चाहते हैं कि अगर आपको अपने प्रतिस्पर्धी से आगे निकलना है तो पहले उसकी टीम और उसकी ताकत का आंकलन करना जरूरी है। इसीलिए वे बार-बार पूछते थे, कितने आदमी थे…

6. ले, अब गोली खा…

यहां गुरु गब्बर की प्रैक्टिकल सोच सामने आती है। वे यह कहना चाहते हैं कि कई बार ऑर्गनाइजेशन के हित में सख्त निर्णय भी लेने पड़ते हैं। यहां इमोशन-विमोशन को तेल लेने भेजो। इमोशन वाला व्यक्ति फेल हो जाएगा।

7. छह गोली और आदमी तीन… बहुत नाइंसाफी है यह…

इसके पीछे गुरु गब्बर का सीधा-सा फंडा है – अगर आप लीडर की भूमिका में हैं तो अपने मातहत के साथ कभी भी नाइंसाफी मत करो। उसे लात भी मारनी है तो इज्जत के साथ मारो…।

(Disclaimer : यह एक फनी आइटम है। फंडों को अपनी-अपनी रिस्क पर ही अमल में लाएं।)

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Gabbar’s management mantra is hidden in ‘Holi Kab he’…Read 7 such fundas

‘When is Holi, when is Holi…’ This dialogue of Gabbar is often mocked at the time of Holi. But do you know why Gabbar often spoke this dialogue? Because they wanted to give management mantra to common people. And not only this, in every dialogue of Guru Gabbar, the fund of management is hidden. Just need to identify them. We are telling that there are similar management funds hidden in their 7 dialogues:

Pl see this video : Gabbar Singh Management Funde
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