बिजली बचाने के बाद अब पानी बचाने की अनूठी योजना, सड़कों के गड्‌ढों का होगा इस्तेमाल

save-water , monsoon jokes, rain jokes, political satire, राजनीतिक व्यंग्य, मप्र में बिजली कटौती जोक्स, मानसून जोक्स, कमलनाथ जोक्स, सड़कों पर गढ्‌डे
प्रेस कांफ्रेंस में अपनी ही योजना पर तौबा-तौबा करते कमलनाथ जी।

By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क, भोपाल। मप्र की कमलनाथ सरकार पर्यावरण संरक्षण के काम में लगी है और बिजली से लेकर पानी बचाने के हरसंभव प्रयास कर रही है। अघोषित बिजली कटौती से हजारों टन बिजली बचाने (राहुलजी को समझ में आ जाए, इसके लिए ‘टन’ का यूज किया गया है) के बाद सरकार ने पानी बचाने की अनूठी योजना पर भी काम शुरू कर दिया है। इसके लिए सड़कों की मदद ली जा रही है।

यह सुनकर आप चौंक सकते हैं कि सड़कों से पानी कैसे बचाएगी ये सरकार। जैसे बिजली कटौती से बिजली बचा रही है, वैसे ही सड़कों के गड्‌ढों से पानी बचाने की योजना है। मानसून तो केरल एक्सप्रेस में रवाना चुका है और जल्दी ही प्रदेश में आ धमकेगा। उसके आने के पहले ही राज्य सरकार ने पानी बचाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने राजधानी भोपाल सहित तमाम शहरों से लेकर कस्बों तक की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्‌ढे करने के निर्देश दिए हैं ताकि बारिश होते ही इनमें इतना पानी भर जाए कि अगले साल गर्मियों में जलसंकट के दौरान काम आए। सरकार को उम्मीद है कि अगर यह योजना सफल हो गई तो उसे राजधानी के बड़े तालाब सहित प्रदेश के किसी भी शहर-कस्बे के किसी भी तालाब की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन तालाबों की जमीन का इस्तेमाल बिल्डरों के कल्याण कार्य हेतु किया जा सकेगा।

ट्रांसफर का अनुभव काम आया : सूत्रों के अनुसार पिछले छह माह के दौरान सरकार ने ट्रांसफर करने में जो अनुभव हासिल किया, उसका लाभ इस योजना में भी मिला है। इस वजह से सरकार सड़कों के निर्माण के लिए उपलब्ध बड़ी धनराशि को आसानी से सड़कों पर गड्‌ढे करने के कार्य के लिए ट्रांसफर कर सकी। इससे सरकार राज्य की कई सड़कों पर उच्च क्वालिटी के गड्‌ढे बनाने में कामयाब रही है।

बीजेपी ने लगाया बड़े घोटाले का आरोप : इस बीच, भाजपा ने इस पूरी योजना में भारी घोटाले का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार जिन गड्‌ढों को अपना बताकर उन पर भारी खर्च करने दावा कर रही है, वे सब तो हमारे शासनकाल के हैं। कमलनाथ सरकार ने न तो एक भी नया गड्‌ढा बनाया और न ही उस पर कौड़ी का खर्च किया। यह जांच का विषय है कि अगर सरकार ने सड़कों पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया तो वह पैसा आखिर गया कहां? इसकी हमारी जांच एजेंसी मतलब सीबीआई से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल राजनीतिक कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)