जेटली ने किया GST में डिप्लोमा, अब दूर होंगी टैक्स की सारी प्रॉब्लम

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डिप्लोमा करने की खुशी छिपाए नहीं छिप रही।

हिंदी सटायर डेस्क। आखिरकार वह घड़ी आ ही गई जब वित्त मंत्री अरुण जेटली के चेहरे पर स्माइल दिखाई दी (देखें रेअर फोटो)। जेटली देश के ऐसे पहले व्यक्ति बन गए हैं जिन्होंने GST में डिप्लोमा हासिल किया है। उम्मीद है कि वित्त मंत्री को जीएसटी का पूर्ण नॉलेज होने के बाद अब इस टैक्स को लेकर आ रहीं सारी प्रॉब्लम्स समाप्त हो जाएंगी।

क्या है जीएसटी डिप्लोमा का चक्कर?

आखिर अरुण जेटली को Diploma in GST करने की जरूरत क्यों आ पड़ी! हिंदी सटायर ने इसकी पड़ताल की तो एक दिलचस्प कहानी सामने आई। दरअसल, देश में 1 जुलाई 2017 को आनन-फानन में जीएसटी को लागू कर दिया गया। अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने जेटली से कहा कि मैंने जुमलेबाजी के चक्कर में यह तो कह दिया कि यह Good & Simple Tax (GST) है, पर ये वाकई है क्या? इसे लागू कैसे करेंगे?

यह सुनते ही जेटली का मुंह आश्चर्य से फटा का फटा रह गया। उन्होंने चकराते हुए मोदी से कहा- अरे, तो आपको भी नहीं पता? मुझे तो लगा कि आपको सब चीजें मालूम होती हैं तो जीएसटी का क्या करना है, यह भी आपको पता ही होगा। यह मानकर मैंने तो इसकी कुछ भी तैयारी नहीं की। GST का फुल फॉर्म भी आज ही पता चला।

मोदी ने ही निकाला रास्ता…

मोदी किसी भी मुद्दे पर हार मानने वाले व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने जेटली से धीरे से कहा, “इसे तो हमने लागू कर ही दिया है। अब रोल बैक नहीं कर सकते। तो पहले इसके बारे में आप सब जान लो। फिर इस पर विचार करेंगे कि इसको इम्प्लीमेंट कैसे करना है।

फिर हार्वर्ड से किया Diploma कोर्स :

जैसा कि हमारे देश के सारे ही बड़े लोग हार्वर्ड से पढ़ाई करते हैं तो अरुण जेटली ने भी Diploma कोर्स करने के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का सिलेक्शन किया। सितंबर से उन्होंने पढ़ाई शुरू कर फरवरी में एग्जाम भी दे दी। अब इसमें पास होने के बाद उन्हें यूनिवर्सिटी ने सर्टिफिकेट दे दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विट कर दी बधाई…

प्रधानमंत्री ने ट्विट कर जेटली को बधाई भी दी। उन्होंने लिखा – “मां भारती की कृपा से आपने जीएसटी का पूरा नॉलेज हासिल कर लिया है। यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। आज से हम दोगुने उत्साह से जीएसटी को सही ढंग से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।”

(Disclaimer : यह एक कपोल-कल्पित आइटम है। इसका मकसद केवल हास्य-व्यंग्य करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)