Gujarat Elections : 100 कांग्रेस नेताओं ने हाईकमान को दिया अल्टीमेटम

अहमदाबाद। रविवार रात को सूरत के कांग्रेस दफ्तर में हुए हंगामे के बाद अब पार्टी के 100 से भी स्थानीय नेताओं ने पार्टी छोड़ने का एडवांस में अल्टीमेटम दे दिया है। ये वे नेता हैं जिन्हें आशंका है कि उनके दुश्मनों के बहकावे में आकर पार्टी हाईकमान उन्हें चुनावी टिकट थमा सकता है।

गुजरात विधानसभा चुनावों (Gujarat-elections) में कांग्रेस की ओर से पहली सूची जारी होते ही रविवार रात को सूरत में कांग्रेसियों ने जोरदार हंगामा कर दिया था। इसको लेकर पहले यह अफवाह फैला दी गई थी कि जिन कांग्रेसियों को टिकट नहीं मिला, उन्होंने हंगामा किया। इसे सुनकर राहुल गांधी ने तो यह कहकर मम्मा को लड्डू तक खिला दिए थे कि देखा, लोग अब भी हमारे टिकट के लिए मरते हैं।

हालांकि सोमवार सुबह तक स्थिति साफ हो गई थी कि हंगामा करने वाले लोग वे थे जिनके नाम कांग्रेस की पहली सूची में आ गए थे। ऐसे ही एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “भाई साब, ये तो हद हो गई। हमसे पूछे बगैर ही हमें टिकट थमा दिया गया। अब स्साला पहले जमानत की व्यवस्था करो।”

एक अन्य प्रत्याशी ने कहा, “मैं तो धंधा-पानी करके रात को आराम कर रहा था कि मेरे नाती ने बताया कि कांग्रेस की लिस्ट में मेरा भी नाम आ गया है। मैं भागा-भागा कांग्रेस दफ्तर पहुंचा। अभी मैंने नाम कटाने की अप्लीकेशन दी है। देखते हैं इज्जत बचती है कि नहीं। अब तो ऊपर वाले का ही आसरा है।”

कांग्रेस के संभावित कैंडिडेट्स ने एडवांस में दिया अल्टीमेटम:

कांग्रेस की पहली लिस्ट से सबक लेते हुए 100 से भी अधिक लोगों ने एक चिट्ठी लिखकर पहले ही पार्टी छोड़ने की धमकी दे दी है। ये वे लोग हैं जिनके राजनीतिक दुश्मनों ने दुश्मनी निभाते हुए उनके नाम कांग्रेस आलाकमान तक पहुंचा दिए हैं। इन्होंने आगाह किया है कि अगर इनके साथ जबरदस्ती की गई तो वे तुरंत प्रभाव से पार्टी छोड़ देंगे।

वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है, फिर भी इन्हें कांग्रेस का टिकट मिलने की आशंका है। इनमें से एक जिग्नेश हंसमुख भाई हैं। उन्होंने hindisatire से कहा, “समाज में हमारी इज्जत है। दो जून का ढोकला-फाफड़ा खाकर आराम की जिंदगी बिता रहे हैं। वो तो हमारे समधी के साले साहब से बिजनेस को लेकर थोड़ा पंगा हो गया था। तो उसने हमारा नाम टिकट के लिए भेज दिया। हमने अपने समधी से साले साहब को समझाने-बुझाने की गुजारिश की है। टिकट मिल गया तो मुंह दिखाने के लायक नहीं रहेंगे।”

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और राजनीतिक हास्य-व्यंग्य-Satire करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)