Video : जहां तिरंगा नहीं मिलेगा, वहां उनकी खैर नहीं होगी… जब दहाड़े हरिओम पंवार

पुलवामा में हुए आतंकी हमले के मद्देनजर आज हरिओम पंवार (hariom-panwar) की प्रसिद्ध कविता ‘मैं भारत का संविधान हूं, लाल किले से बोल रहा हूं…’ प्रासंगिक है। जहां तिरंगा नहीं मिलेगा, वहां उनकी खैर नहीं होगी… सुनें…