मप्र-राजस्थान : पिछले 24 घंटे में एक भी आपत्तिजनक बयान नहीं, देश की राजनीति पर लगा बट्टा

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हिंदी सटायर डेस्क। पिछले 24 घंटों में मप्र और राजस्थान इलेक्शन में प्रचार के दौरान एक भी राजनीतिक दल के किसी भी नेता का कोई आपत्तिजनक बयान या विवादास्पद सीडी नहीं आने से पूरे देश की जनता सकते में है। चुनाव आयोग ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी दलों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। आयोग ने आगाह किया है कि अगर अगले 12 घंटे में कोई आपत्तिजनक बयान नहीं आया तो सभी राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द की जा सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान न तो भाजपा के किसी नेता ने कोई आपत्तिजनक बयान दिया है और न ही कांग्रेसी नेता ने। ऐसे में देश की राजनीतिक इमेज पर बट्‌टा लगने का खतरा पैदा हो गया है। इस पर एक सीनियर टाइप के नेता ने कहा, “चुनाव आपत्तिजनक बयानों से रहित कैसे हो सकते हैं? अगर 24-24 घंटों तक किसी भी पार्टी के किसी नेता का कोई आपत्तिजनक बयान नहीं आता है तो हमें सोचना पड़ेगा कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं?”

इस पूरे मसले पर राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि हमने दो दिन पहले ही बड़ा गंदा बयान दिया था। अब यह भाजपा की जिम्मेदारी थी कि वह इस पर कोई आपत्तिजनक प्रतिक्रिया देती। इस पर भाजपा के एक प्रवक्ता ने कहा, “आखिर हर बार खराब लैंग्वेज में हम ही रिएक्ट क्यों करें।”

वही पूरे मसले की जड़ में जाते हुए एक समझदार टाइप के नेता ने कहा, “इतने लंबे चुनाव प्रचार के कारण थकान आना लाजिमी है। आखिर हम नेता भी कुछ हद तक इंसान हैं। चुनाव आयोग को इस बारे में भी सोचना चाहिए।”

इसे पूरे मसले को चुनाव आयोग ने भी गंभीरता से लिया है। आयोग ने सभी दलों को नोटिस जारी कर पूछा है कि इस गैर जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए क्यों न आपकी मान्यता रद्द कर दी जाए। पार्टियों से अगले 12 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ राजनीतिक कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)