वॉटर टूरिज्म को बढ़ावा देने नालों पर बढ़ाए जाएंगे अतिक्रमण, सरकार की नई योजना

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By Jayjeet

हिंदी सटायर, नई दिल्ली। देश में जगह-जगह हो रही तेज बारिश की वजह से कई शहरों में आई बाढ़ से प्रेरणा लेकर केंद्र सरकार ‘सिटी वॉटर टूरिज्म’ को बढ़ावा देने के लिए नई योजना लाने जा रही है। इसके तहत नालों पर अतिक्रमण को बढ़ावा देकर ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि शहर बारिश के दौरान तालाबों और झीलों में बदल सकें। इन तालाबों/झीलों में बोट और क्रूज चलाकर पर्यटकों को घुमाया जाएगा। इस योजना को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के साथ जोड़े जाने का प्लान है।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय में एक उच्च पदस्थ सूत्र के अनुसार मप्र के भोपाल-इंदौर, मुंबई, नागपुर, राजस्थान के कई शहरों और देश के अन्य हिस्सों में जिस तरह बारिश (Heavy Rainfall) के बाद जल भराव जैसे हालात पैदा हुए हैं, उससे ही सिटी वॉटर टूरिज्म को बढ़ावा देने का आइडिया आया है। इसके लिए मंत्रालय ने नालों पर अतिक्रमण को बढ़ाने पर जोर दिया है ताकि अधिक से अधिक पानी को सड़कों पर ही रोककर वहां बोट्स चलाई जा सकें।

सूत्र के अनुसार अब भी देश में ऐसे कई शहर हैं जहां नाले अतिक्रमण से काफी हद तक मुक्त हैं। इनकी पहचान करके इन्हें योजनाबद्ध तरीके से अतिक्रमण के मेप पर लाया जाएगा। इसके लिए केंद्र ने एक कमेटी बनाने का फैसला किया है। केंद्र की मंशा साल 2022 तक देश के तमाम शहरों में सिटी वॉटर टूरिज्म लायक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की है।

बिल्डर लाॅबी ने किया स्वागत :

केंद्र की इस प्रस्तावित योजना का देश के तमाम बिल्डर एसोसिएशनों ने स्वागत किया है। बिल्डरों के अनुसार वैसे तो उन्हें ऐसी किसी योजना की जरूरत नहीं है। देश हित में वे स्वप्रेरणा से नालों पर अतिक्रमण कर रहे हैं। फिर भी केंद्र की यह योजना स्वागतयोग्य है और इसके लिए वे नालों पर अतिक्रमण करने के कार्य में और भी तेजी लाएंगे।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और सिस्टम पर कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)