#Hindi_Diwas : इंग्लिश कसम, आपने आज तक ऐसी हिंदी नहीं पढ़ी होगी!

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By Jayjeet

हिंदी सटायर डेस्क। अमित शाह ने हिंदी दिवस पर हिंदी को पूरे देश की भाषा बनाने की बात कहकर एक नया विवाद छेड़ दिया है। अच्छी बात है। पर इसके पहले कदम के रूप में वे खुद कुछ केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की वेबसाइट पर जो हिंदी है, उसे पढ़ लें। यकीन जानिए वे वैसे ही बाल नोंचने की कोशिश करेंगे, जैसा कि चित्र में बताया गया है। तो आइए देखते हैं ऐसे ही कुछ उदाहरण। कृपया कमजोर हिंदी दिल वाले न पढ़ें। (अमित जी के लिए संतोष की बात यह है कि उनके विभाग की वेबसाइट पर हिंदी एकदम दुरुस्त है…)

(मंत्रालयों/विभागों की साइट्स से हमने हूबहू कॉपी उठाई है।ये केवल कुछ उदाहरण हैं। अधिक के लिए खुद ट्राय कीजिए…)

सबसे पहले देश के शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से…(क्योंकि यहीं से हमें ज्ञान मिलता है)

मौजूदा क्षमताओं के आधार पर तथा बात को मान्यकता प्रदान करते हुए कि स्वंतंत्रता प्राप्ति के बाद शिक्षा संस्थापओं के वृहत नेटवर्क ने राष्ट्रे निर्माण में अत्यकधिक योगदान दिया है; राष्ट्रक उच्च्तर शिक्षा में उत्कृशष्टंता केन्द्रों के विस्ता्र एवं स्थामपना का दूसरा चरण प्रारंभ करने जा रहा है। यह अभिकल्प्ना की गई है कि इस वर्णक्रम के दोनों सिरों नामत: प्रारंभिक शिक्षा एवं उच्च‍तर/तकनीकी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण से शिक्षा में विस्ता र, समावेशन एवं उत्कृरष्टसता के लक्ष्यों् को प्राप्तव किया जा सकता है।

(अरे बाप रे… बोल्ड करते-करते थक गए। बोल्ड ही समझ में आया, बाकी तो ससुरा पल्ले ही नहीं पड़ा। कौन-है रे मंत्री?)

पासपोर्ट कार्यालय की वेबसाइट से … :

अपेक्षित मूल दस्तावेज और उनके फोटो के साथ पीएसके पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) जाएँ | तस्वीर की आवश्यकता नहीं है| अपेक्षित दस्तावेजों की सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है| बुक नियुक्ति के बावजूद, दस्तावेजों की आवश्यकता सेट की अनुपलब्धता के कारण ‘टोकन से इनकार कर दिया’ कर दिया गया है, जो आवेदकों उल्लेख नियुक्ति की तारीख और समय के रूप में प्रति से अगले तीन दिनों के भीतर काम ‘वॉक में’ के रूप में ही पीएसके पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) फिर से आना कर सकते हैं नियुक्ति पर्ची में ऑनलाइन नियुक्ति इन आवेदकों के लिए अनिवार्य नहीं है|

(यह विभाग विदेश मंत्रालय के अधीन आता है। इसके मंत्री एस. जयशंकर और वी. मुरलीधरण हैं। इसे बेनिफिट ऑफ डाउट केवल इस आधार पर नहीं दिया जा सकता कि ये गैर हिंदीभाषी हैं। भाई, इस विभाग की साइट में हिंदी की दुर्दशा तब भी वैसी ही थी, जब सुषमाजी  इस मंत्रालय की सर्वेसर्वा हुआ करती थीं। )

दूरसंचार विभाग की वेबसाइट से…

हम विश्व स्तर की दूरसंचार बुनियादी ढांचे और जुड़े नेशन “कभी भी, कहीं भी” देश के तेजी से सामाजिक – आर्थिक विकास को सक्षम बनाने सेवाओं के प्रावधान की सुविधा के माध्यम से दृष्टि को पूरा.

(पता है, इस हिंदी को पढ़ने के बाद गूगल ट्रांसलेटर कह रहा है- स्सालो, तुम लोग मेरे इंग्लिश टू हिंदी ट्रांसलेशन का मजाक उड़ाते थे। अब आओ मेरे सामने, देखता हूं एक-एक को… )

(Disclaimer : इस हिंदी को पढ़कर अगर कोई सुसाइड करने की कोशिश करता है तो इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं रहेंगे। हमारा मकसद किसी को सुसाइड के लिए प्रेरित करना नहीं है।)