इस बार महिलाओं ने होली के पकवानों में क्यों डाला विमल पान मसाला? जानिए यहां

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पांच रुपए के विमल पाउच में तैयार हुई हैं ये केसरयुक्त गुजिया ...

By A. Jayjeet

मुंबई/भोपाल/इंदौर/नई दिल्ली। इस बार गृहिणियों ने होली (holi) पर घरों में बनने वाले पकवानों में केसर की जगह विमल पान मसाला (Vimal Pan Masala) यूज किया है। बाजार में केसर की भारी किल्लत को देखते हुए उन्हें ऐसा करना पड़ा। दुनियाभर का सारा केसर इन दिनों विमल पान मसाले में ही इस्तेमाल होने के कारण बाजार में केसर की कम हो गई है।

इस संबंध में हमारे संवाददाताओं ने अलग-अलग जगहों पर गृहिणियों से चर्चा की तो यह बात सामने आई। गृहिणियों ने इस बात पर बेहद खुशी भी जताई कि इस बार 5 रुपए के एक-दो पाउच डालने भर से काम हो गया। अगर बाजार में केसर लेने जातीं तो पतियों की जेब से निकाले गए पैसों का आधा हिस्सा केसर खरीदने में ही खर्च हो जाता।

भोपाल में अरेरा हिल्स कॉलोनी में रहने वाली रेखा पोरवाल ने कहा, “पहले तो हम इस बात से परेशान थीं कि विमल वालों ने सारा केसर अपने पाउचों में डाल दिया है तो अब केसर वाली गुजियां कैसी बनेंगी। लेकिन फिर हमें आइडिया आया कि क्यों न हम गुजिया के मसाले में विमल गुटखा ही मिला लें। दो-तीन पाउचों में ही काम हो जाएगा।” श्रीमती पोरवाल ने हमारे संवाददाता को गुजिया ऑफर करते हुए कहा, “आप भी हमारी गुजिया खाइए, पहले से भी ज्यादा स्वादिष्ट है इस बार की गुजिया। इसके टुकड़े-टुकड़े में केसर का दम है।”

पान की गुमटियो के सामने महिलाओं की लगी रही भीड़ :

हाेली की पूर्व संध्या पर देशभर में पान गुमटियों पर महिलाओं की भारी भीड़ नजर आई। ये सभी पकवानों में मिलाने के लिए केसरयुक्त विमल पान मसाले के पाउच खरीदने आई थी। इंदौर के छावनी एरिया में तो विमल गुटखा की कमी होने को लेकर फैली अफवाह के कारण कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति हो गई। विमल पान मसाला के पाउच लुटे जाने की इक्का-दुक्की घटनाओं की खबरें भी देश के कई हिस्सों से आ रही हैं। विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

मोदी सरकार ने लिया श्रेय :

पांच रुपए में केसर उपलब्ध करवाने का श्रेय मोदी सरकार ने लेते हुए कहा कि आखिर हमने अच्छे दिनों का वादा पूरा कर ही दिया। मोदी ने एक ट्विट करके होली की शुभकामनाएं देते हुए, “मित्रो, पांच रुपए में हमने केसर उपलब्ध करवाने की योजना को मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत विमल के साथ शुरू किया है। हम इस तरह की योजनाएं जल्दी ही अन्य क्षेत्रों में भी लागू करेंगे।”

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और सिस्टम पर कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)

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