Knowledge : भारत के 5 सबसे विवादित पुलिस एनकाउंटर, आज भी है सच का इंतजार!

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फोटो में बाएं - इशरत जहां एनकाउंटर। दाएं - शोहराबुद्दीन और उसकी पत्नी कौसर बी का फाइल फोटो।

हिंदी सटायर नॉलेज डेस्क। एनकाउंटर्स के लिए भारतीय पुलिस हमेशा बदनाम रही है। कई बार ये एनकाउंटर सही होते हैं तो कई बार फर्जी भी। तमाम जांच रिपोर्ट्स के बाद भी इन एनकाउंटर्स का सच कभी भी सामने नहीं आ पाता। हां, इनसे विवाद की जो आंच पैदा होती है, उसमें राजनीतिक दल अपनी रोटियां जरूर सेंक लेते हैं।

आज हम भारत के वे 5 सबसे विवादित पुलिस एनकाउंटर्स के बारे में बता रहे हैं, जो महीनों तक सुर्खियों में रहे, लेकिन अब भुला दिए गए हैं :

1. मप्र में सिमी आतंकियों का एनकाउंटर

कब : 31 अक्टूबर 2016
कहां : भोपाल के पास खेजड़ी गांव
क्या है मामला?
इधर पूरा भाेपाल दिवाली मना रहा था, उधर सेंट्रल जेल में कुछ और ही प्लानिंग चल रही थी। इसी प्लानिंग के तहत दिवाली की देर रात को सिमी (SIMI) के 8 कथित विचाराधीन कैदी जेल ब्रेक कर भाग निकले। भागने से पहले वे एक जेल गार्ड का गला भी रेंत गए। सुबह इसकी खबर मिलते ही पूरे देश में खलबली मच गई। अभी मीडिया इस मामले की पड़ताल कर ही रहा था कि एक और ब्रेकिंग न्यूज आ गई। खबर थी कि आठों आतंकियों की भोपाल से 10 किमी दूर खेजड़ी गांव में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई है।

इस एनकाउंटर पर जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस की जमकर तारीफ की, तो वहीं यह धीरे-धीरे राजनीतिक रंग भी लेने लगा। सोशल मीडिया में इसके कुछ कथित वीडियो भी वायरल होने लगे जो इस ओर इशारा कर रहे थे कि यह एनकाउंटर सुनियोजित था। इस पर कई सवाल उठे। सवाल तो यह भी उठा कि आठों विचाराधीन कैदी इतनी हाई-सेक्युरिटी जेल से कैसे भाग निकले? इन्हें जेल से भगाना भी क्या एनकाउंटर के इस पूरे प्लान में शामिल था? हालांकि डेढ़ साल के बाद भी इन सवालों के जवाब अनुत्तरित हैं।

2. बाटला हाउस एनकाउंटर

कब : 19 सितंबर 2008
कहां : दिल्ली स्थित जामियानगर
क्या है मामला?
सितंबर 2008 में दिल्ली में सीरियल ब्लास्ट हुए। दिल्ली पुलिस को गुजरात पुलिस से सूचना मिली कि इंडियन मुजाहिदिन (IM) के कुछ आतंकी दिल्ली के जामियानगर में बाटला हाउस एरिया में छिपे हुए हैं। इस सूचना पर दिल्ली पुलिस ने बाटला हाउस एरिया में छापेमारी की और दो संदिग्ध आतंकियों आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद को मार गिराया। हालांकि इस मुठभेड़ में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की भी मौत हो गई।

जल्दी ही इस एनकाउंटर पर राजनीति होने लगी। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एनकाउंटर को फर्जी बताकर इसे सियासी रंग दे दिया। कई एनजीओ और खासकर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के टीचर्स और स्टूडेंट्स इसके विरोध में उतर आए। मामले ने तब एक नया मोड़ ले लिया जब उप्र में एक चुनावी रैली के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने यहां तक कह दिया कि बाटला हाउस एनकाउंटर की तस्वीरें देखकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी रो पड़ी थीं। 2009 में मानवाधिकार आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस को क्लीन चिट दे दी।

3. शोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर

कब : 26 नवंबर 2005
कहां : अहमदाबाद के पास (गुजरात)
क्या है मामला?
शोहराबुद्दीन एक अंडरवर्ल्ड क्रिमिनल था। मौत के तीन दिन पहले यानी 24 नवंबर को वह अपनी बीवी कौसर बी के साथ हैदराबाद से महाराष्ट्र जा रहा था। लेकिन गुजरात पुलिस की एटीएस ब्रांच ने बस को रुकवाया और सोहराब को उसकी बीवी के साथ उतार लिया। तीन दिन बाद यानी 26 नवंबर को खबर मिली कि शोहराबुद्दीन अहमदाबाद के बाहर एक कथित एनकाउंटर में मारा गया। बाद में उसकी बीवी कौसर बी के जली हुई अवस्था में अवशेष भी बरामद हुए। शोहराबुद्दीन के भाई के प्रयासों और मीडिया के दबाव के बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच के बाद कथित एनकाउंटर में कई पुलिस अधिकारी शामिल पाए गए। इनमें कई अधिकारियों को जेल की सजा भी हुई। यह एनकाउंटर क्यों किया गया, इसका जवाब आज तक नहीं मिल पाया।

4. इशरत जहां एनकाउंटर

कब : 15 जून 2004
कहां : अहमदाबाद (गुजरात)
क्या है मामला?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक एनकाउंटर में इशरत जहां और उसके तीन साथियों – जिशान जोहर, अमजद अली राणा और प्रणेश पिल्लई उर्फ जावेद शेख को मार गिराया। 19 वर्षीया इशरत मुंबई की रहने वाली थी। गुजरात पुलिस के अनुसार ये चारों कथित रूप से लश्कर-ए-तैयबा के गुर्गे थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी इनके निशाने पर थे। यह एनकाउंटर राजनीतिक विवाद का विषय बन गया। गुजरात की विपक्षी पार्टियों ने इस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया। मोदी के इस्तीफे की मांग होने लगी। विवाद इतना बढ़ गया कि अंतत: गुजरात हाईकोर्ट को दखल देना पड़ा और उसके आदेश पर एसआईटी गठित की गई। एसआईटी ने इस मुठभेड़ को फर्जी करार दिया।

इधर कोर्ट के ऑर्डर पर सीबीआई ने भी इस एनकाउंटर की जांच शुरू की। कई सीनियर पुलिस ऑफिसर्स की भूमिका पर भी सवाल उठे और कई को जेल भी भेजा गया। हालांकि 2016 में अमेरिका की जेल में बंद आतंकी डेविड कोलमैन हेडली ने खुलासा किया कि अहमदाबाद में एनकाउंटर में मारी गई लड़की इशरत जहां लश्कर ए तैयबा की आत्मघाती हमलावर थी। इसके बाद भी इस पर काफी राजनीतिक बवाल मचा।

5. अंसल प्लाजा एनकाउंटर

कब : 3 नवंबर 2002
कहां : दिल्ली
क्या है मामला?
दक्षिण दिल्ली के अंसल प्लाजा कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के दो कथित आतंकियों को गोलियों से भून दिया। पुलिस का दावा था कि ये आतंकी दिवाली से पहले दिल्ली में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने वाले थे। हालांकि बाद में इस मामले में उस समय मोड़ आ गया जब एक होमियोपैथिक डॉक्टर हरिकृष्ण ने दावा किया कि एनकाउंटर के समय वह खुद घटनास्थल पर मौजूद थे और पूरा एनकाउंटर फर्जी था। बाद में डॉ. हरिकृष्ण गायब हो गए और पुलिस के कथित दबाव में आकर वे अपने बयान पर कायम भी नहीं रह पाए। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर और कुछ एनजीओ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी केस दर्ज करवाया, लेकिन अंतत: मामला पूरा दबा ही रह गया। सच कभी भी सामने नहीं आ पाया।

(Disclaimer : यह एक नॉलेज पैकेज है। इसमें अथेंटिक सोर्सेस से सूचनाएं लेने की कोशिश की गई है। फिर भी रीयूज करते समय क्रॉसचेक करना अपेक्षित है।)