इंस्पिरेशनल : इंदौर के बेलदार असलम से सीखें 5 बातें, करप्शन से अर्जित की थी 25 करोड़ की दौलत

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असलम की फेसबुक प्रोफाइल भी सीखने योग्य है। बेलदार होने के बावजूद खुद को सिविल इंजीनियर बताना इसकी ऊंची सोच को दर्शाता है।

हिंदी सटायर डेस्क। इंदौर नगर निगम में पदस्थ जिस करोड़पति बेलदार असलम खान के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की है, उसकी जिंदगी काफी इंस्पायरिंग रही है। उसके और परिजनों के नाम पर 16 बैंक खातों में 15 लाख रुपए जमा मिले। कई मकान और फ्लैट उसके नाम पर हैं। उसके घर से 2 किलो सोना भी मिला। उसने 50 से ज्यादा बीमा पॉलिसियां करवा रखी हैं। कुल मिलाकर उसके पास से 25 करोड़ रुपए की दौलत मिली है। साल में केवल ढाई लाख रुपए की सैलरी वाला व्यक्ति अगर करोड़ों रुपए कमा सकता है तो उसकी जिंदगी से कई बातें सीखी जा सकती हैं। Hindisatire बता रहा है असलम की जिंदगी की ऐसी ही 5 लर्निंग्स :

1. पद के पीछे मत पड़ो :
हम पद के पीछे पड़े रहते हैं। असलम छोटे-से चतुर्थ श्रेणी के पद पर था। बेलदारी (एक तरह की सुपरवाइजरी) करता था। लेकिन पद की कभी चिंता नहीं की। बड़े-बड़े अफसरों के साथ मिलकर उसने अफसरों-सा रसूख रखा। उसका एक ही मोटो था – कर्म किए जा, पद की चिंता मत कर।

2. कुछ हटकर करो…
आप जो करते हो, उससे हटकर करो तो जिंदगी में कभी पीछे नहीं रहोगे। असलम ने यही किया। केवल बेलदारी नहीं की। अफसरों के साथ मिलकर नक्शे और निर्माण की फाइलें पास कराने की सेटिंग करने का काम किया।

3. फ्लेक्सिबिलिटी :
जब भी किसी संस्थान में नया बॉस बदलता है तो नए नियम-कायदे भी लाता है। बदलते बॉस के अनुसार खुद को बदलना पड़ता है। इंदौर नगर निगम में भी लगातार बॉस बदलते गए। उसने अपनी वर्किंग को नए बॉस के अनुसार बदलने में कभी भी देर नहीं की। हालांकि लक्ष्य कभी नहीं बदला।

4. टीम वर्क :
असलम ने इंदौर नगर निगम में टीम वर्क का गजब परफॉर्मेंस किया। इतने छोटे-से पद पर रहकर इतना बड़ा काम बगैर टीम वर्क के संभव नहीं था। उसने हर उस अफसर और कर्मचारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, जो उसकी टीम का पार्टनर था।

5. जियो और जीने दो :
असलम के भव्य घर से AC सहित 75 लाख रुपए का सामान मिला। ये बताता है कि वह केवल कमाने में ही नहीं, जिंदगी को जीने में भी विश्वास रखता है। उसके पास कई कारें भी हैं। इतना ही नहीं, उसने यह भी श्योर किया कि न केवल वह जिएं, बल्कि दूसरे (अफसर और कर्मचारी) भी जिएं। ऐसी महानता बड़े लोगों में ही होती है।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल सिस्टम पर कटाक्ष करना है। )