Knowledge: रेड से ब्ल्यू तक, ऐसे होते हैं Interpol के रंग-बिरंगे नोटिस

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हिंदी सटायर नॉलेज डेस्क। करोड़ों का ‘बैंक फ्राडर’ नीरव मोदी इस समय ब्रिटेन में बताया जा रहा है। ऐसे मामलों में इंडियन सरकार और जांच एजेंसियां तो कुछ करती नहीं। तो जो भी करना है, इंटरपोल (interpol) को ही करना है और यह भी कभी कुछ नहीं करता। हां, नोटिस जरूर जारी करता है। तो इंटरपोल ने नीरव के खिलाफ रेड कॉनर्र नोटिस जारी कर दिया है।

ये रेड कॉर्नर नोटिस क्या बला है भला?

इतना समझ लीजिए कि अगर रेड कॉर्नर नोटिस नहीं हो तो interpol की इज्जत दो कौड़ी की रह जाए। कम से कम इंडिया में तो उसे रेड कॉर्नर नोटिस के कारण ही जाना जाता है। ससूरे इतने लोग भागकर जाते हैं कि हमें ऐसे नोटिसों के बारे में पढ़ने की आदत-सी हो गई है।

खैर, बता दें कि इंटरपोल केवल लाल रंग का ही नोटिस जारी नहीं करता। यह और भी 6 रंगों में नोटिस जारी करता है, रंग भी ऐसे मस्त कि देखकर स्साला दिल गदरा जाए। तो जान लीजिए इंटरपोल के इन्हीं रंग-बिरंगे नोटिसों के बारे में। साथ ही यह भी कि आखिर इनके मायने क्या हैं?

7 रंगों के होते हैं Interpol के नोटिस (नीचे जानिए पूरी डिटेल, एकदम सच्ची) : 

रेड नोटिस : जब किसी मामले में किसी देश की अदालत किसी व्यक्ति को अपने यहां लाने (प्रत्यर्पण) की कोशिश करती है तो उस व्यक्ति की लोकेशन का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए यह नोटिस जारी किया जाता है। हालांकि इंटरपोल से यह नोटिस जारी करवाना काफी मुश्किल होता है। इंटरपोल ललित मोदी और विजय माल्या के मामले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने से इनकार कर चुका है।

ब्ल्यू नोटिस : किसी आपराधिक मामले में पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति की तलाश करना, उसकी पहचान करना या उससे जानकारी निकलवाने के लिए यह नोटिस जारी किया जाता है।

ग्रीन नोटिस : अगर किसी व्यक्ति के बारे में इंटरपोल को यह लगे कि वह आम लोगों के लिए खतरा हो सकता है, तो उसकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में देशों को आगाह करने के लिए यह नोटिस जारी किया जाता है।

यलो नोटिस : उस मिसिंग शख्स की तलाश करने लिए यह नोटिस जारी किया जाता है जिसके बारे में माना जाता है कि वह खुद की पहचान करने में असमर्थ है। यह जरूरी नहीं है कि ये मिसिंग शख्स कोई अपराधी ही हो।

ब्लैक नोटिस : अगर किसी देश में किसी विदेशी व्यक्ति के शव की शिनाख्त नहीं हो पा रही है, तो इसके लिए इंटरपोल ब्लैक नोटिस जारी करता है।

ऑरेंज नोटिस : किसी घटना, किसी शख्स या किसी प्रोसेस से आम लोगों या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते यह नोटिस जारी किया जाता है।

पर्पल नोटिस : अपराधियों द्वारा अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों, डिवाइसेज या स्थानों की सूचना देने के लिए पर्पल नोटिस जारी किया जाता है।

स्पेशल नोटिस :
इन कलरफुल नोटिसों के अलावा भी इंटरपोल-यूएन सिक्युरिटी काउंसिल स्पेशल नोटिस होता है। इस नोटिस में यह बताया जाता है कि किसी शख्स या संस्था विशेष पर संयुक्त राष्ट्र की पाबंदियां लगी हुई हैं।

(Disclaimer : यह खबर डेटा जर्नेलिज्म का पार्ट है। कोई कपोल-कल्पना नहीं।)