क्या ताइवानी मशरूम खाकर गोरे हुए मोदी? जानिए क्या है सच?

हिंदी सटायर डेस्क। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए ओबीसी एकता मंच के नेता अल्पेश ठाकोर ने दावा किया है कि एक स्पेशल मशरूम खा-खाकर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोरे-चिट्टे हुए जा रहे हैं। अल्पेश के अनुसार मोदी यह मशरूम ताइवान से मंगवाते हैं और इसकी कीमत 80 हजार रुपए प्रति पीस है। वे ऐसे रोज पांच मशरूम खाते हैं। यानी रोजाना 4 लाख रुपए मशरूम खाने पर खर्च करते हैं। लेकिन बात हजम नहीं हुई तो हमने की अपनी पड़ताल।

पची नहीं बात, ये रही हमारी पड़ताल …

1. मोदी खाते हैं ठेठ हिमालयी मशरूम :
मशरूम मोदी का पसंदीदा फूड है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे उसे रोज खाते हैं। (पसंदीदा फूड तो साल में दो-चार बार ही खाया जाता है। रोज तो वही लौकी की सब्जी, मूंग दाल, खिचड़ी…)। और मोदी वह वाला मशरूम भी नहीं खाते, जिसका दावा अल्पेश ने किया है। मोदी जो मशरूम खाते हैं, वह हिमालयी मशरूम ‘Guchchi’ (गुच्ची, गुच्छी) है। यह हिमालय के जंगलों में पाया जाता है। यानी इसकी सप्लाई बहुत ज्यादा नहीं होने के कारण यह महंगा होता है। लेकिन इतना भी नहीं, जितनी कि अल्पेश ने फेंकी है। यह 10 हजार रुपए किलो तक में मिल जाता है।

2. ताईवान का कोई मशरूम इतना महंगा नहीं…
हमने पूरा नेट खंगाल मारा। गूगल भी बोल पड़ा- बस करो भाई। इसी गूगलिंग में पता चला कि ताईवान के लोग मशरूम खाने के तो शौकीन हैं, लेकिन वहां मशरूम की ऐसी कोई प्रजाति नहीं पाई जाती जो इतनी महंगी हो। सब मशरूम औकात में रहते हैं। अल्पेश जिस कीमत वाले मशरूम का उल्लेख कर रहे हैं, वह ताईवान में नहीं, बल्कि इटली में पाया जाता है (वही इटली जहां उनके होने वाले पार्टी अध्यक्ष का ननिहाल है)। इटली के इस मशरूम का नाम ‘व्हाइट ट्रफल’ (White Truffle) है जो जंगलों में मिलता है। इसे ढूंढने के लिए सूअरों का यूज किया जाता है क्योंकि उनकी मशरूम सूंघने की क्षमता अद्भुत होती है। इस मशरूम की कीमत होती है तीन से चार लाख रुपए किलो।

3. मशरूम से गोरे नहीं होते…
हां, लगे हाथ अल्पेश भाई को यह बताना भी जरूरी है कि मशरूम लोगों को गोरा नहीं बनाता। क्योंकि अगर ऐसा होता तो गोरा बनाने वाली क्रीम के विज्ञापनों में मशरूम जरूर होता। हां, मशरूम के ये हेल्थ फायदे जरूर हैं। आप सब जान लीजिए…
– मशरूम में एंटी-ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। (50 साल की उम्र का नेता भी अगर खुद को युवा नेता कहता है तो मान लीजिए वह मशरूम खाता है।)
– मशरूम में मौजूद तत्व इम्युनिटी बढ़ाते हैं। यानी मशरूम खाने वाला सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से बचा रहता है। (नेताओं को जरूर खाना चाहिए, ताकि कोई कुछ भी कहें, उस पर असर न हो।)
– मशरूम विटामिन डी का बेस्ट सोर्स है। यानी यह हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत जरूरी होता है। (नेता के लिए रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाना जरूरी, ताकि झुकते समय टूटे नहीं। तो नेता जरूर खाएं।)

(Disclaimer : यह खबर कपोल कल्पित नहीं है। इसके फैक्ट्स उतने ही सच्चे हैं, जितने कि अन्य जगह रहते हैं। बस स्टाइल जरा अनयूजवल है।)