मप्र में गायों को बचाने के लिए पॉलिथीन पर से बैन हटाया

polythene-ban , polythene ban in MP , plastic carrybags ban, पॉलिथीन पर प्रतिबंध, cow death by eating polythene, hindi jokes, satire, cow eating polythene , हास्य व्यंग्य, हिंदी जोक्स
मजा आ गया! पॉलिथीन पर से बैन हटने के बाद...!

भोपाल। मप्र में पॉलिथीन बैन होने के बाद गायों को हो रहीं दिक्कतों को देखते हुए राज्य सरकार ने गाय-हित में इसके उपयोग में छूट दे दी है। सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि अगर पॉलिथीन पूरी तरह बैन हो गई तो गायें खाएंगी क्या? उन्हें भूखों मरने से बचाने के लिए यह संशोधन किया गया है। गाय समुदाय ने इसका स्वागत किया है।

मप्र की गौभक्त सरकार ने 24 मई 2017 को पॉलिथीन पर बैन (Polythene-ban) लगाने के संबंध में गजट नोटिफिकेशन जारी किया था। सरकार ने इसके लिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ गायों को बचाने की दलील दी थी। नोटिफिकेशन जारी होते ही लोगों ने इसका मतलब यह निकाल लिया कि अब प्रदेश में न तो पॉलिथीन बनेगी और न ही बिकेगी। कई भोले दुकानदारों ने दुकानों पर नोटिस भी चिपका दिए थे कि – “सरकार ने पॉलिथीन पर बैन लगा दिया है। कृपया मांगकर शर्मिंदा न करें।” आम लोगों ने पतले कपड़े की बनी पॉलिथीन के लिए सहर्ष तीन से लेकर पांच रुपए तक खर्च करने भी शुरू कर दिए। कई लोग घर से ही थैले लेकर जाने लगे।

फिर मरने लगी गायें…

मप्र सरकार का यह फैसला भी नोटबंदी की तरह उलटा साबित हो गया। राज्य सरकार को मिली एक गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार पॉलिथीन बैन होते ही सड़कों पर से ये पूरी तरह गायब होने लगी। चूंकि मप्र की सड़कों पर विचरने वाली गायें सालों से पॉलिथीन खाकर ही अपना पेट भर रही थीं। ऐसे में पॉलिथीन की आदी ये गायें भूखी मरने लगी। कई सड़कों पर गायों के मरने की खबरें भी आईं। इसलिए इसको देखते हुए ही सरकार ने पॉलिथीन बैन में आंशिक छूट दी है।

कौन कर सकेगा यूज, कौन नहीं?

नोटिफिकेशन में संशोधन के अनुसार अब गायों के हित में कोई भी हिंदू नागरिक पॉलिथीन में सामान लाकर उसे कहीं भी फेंक सकता है। मुस्लिम और ऐसे ही उन समाजों के लिए यह प्रतिबंध जारी रहेगा जो गायों को मां नहीं मानते हैं।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और व्यंग्य (Satire) करना है, किसी की मानहानि करना नहीं। )