प्रदीप चौबे की हास्य कविता : कितने आदमी

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यहां पढ़ें जाने-माने हास्य-व्यंग्य कवि प्रदीप चौबे (pradeep-choubey) की हास्य कविता :

चुनाव प्रचार पर आए
नेताजी ने
एक बूढ़े से कहा –
गांव में कितने आदमी होंगे?
बूढ़ा बोला – एक भी नहीं।

वे बोले- क्या बकते हो?
पिछले साल की सूची में तो
पांच हजार लिखे हैं!

बूढ़ा बोला –
वे ‘आदमी’ नहीं
सिर्फ वोटर हैं
वो भी अंधे, गूंगे और बहरे
अगर ये सचमुच आदमी होते
तो आपको कुर्सी पर बिठाते नहीं
सूली पर टांगते
आज जिस मुंह से वोट मांग रहे हैं
उसी से प्राणों की भीख मांगते।