मप्र, राजस्थान, छग में कांग्रेस को बहुमत मिलने के आसार, घबराई भाजपा में बढ़ी राहुल की डिमांड

rahul-jokes , ABP News-CVoter Survey, election in MP, Raj Chhattisgarh, jokes on congress, कांग्रेस पर जोक्स, राहुल पर जोक्स, अमित शाह पर जोक्स, हिंदी जोक्स, hindi jokes

हिंदी सटायर डेस्क। एबीपी-सी वोटर सर्वे के अनुसार मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत मिलने के आसार है। इसके चलते वहां की भाजपा इकाइयों में राहुल गांधी की मांग बढ़ गई है।

भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सर्वे ने तीनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री और वहां के भाजपा नेताओं की नींद उड़ा दी है। सर्वे की घोषणा के तुरंत बाद तीनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने फोन कॉन्फ्रेंसिंग कर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से एक साथ बात की। चर्चा में शाह ने कहा – ‘घबराए नहीं, हमारे पास तुरुप का पत्ता है। जब मोदीजी प्रचार करने आएंगे तो सारे कांग्रेसी ध्वस्त हो जाएंगे।’

इस पर एक मुख्यमंत्री ने चिंतित होकर कहा, ‘अमित जी, इस बार हालात जरा ज्यादा ही खराब हैं। अकेले मोदीजी कुछ नहीं कर पाएंगे। आप तो राहुल की सभाओं की व्यवस्थाएं करो। वे ही हमें तार सकते हैं।’ इस पर अमित शाह ने ठहाका लगाया तो एक सीएम ने कहा, इसे लाइटली मत लीजिए, कुछ कीजिए तो शाह ने थोड़े गुस्से में कहा, “जब मैं दो सीटों से सरकार बनवा सकता हूं तो राहुल की सभाएं भी करवा सकता हूं। विश्वास रखो। उतावले मत बनो।”

कांग्रेसियों ने राहुल से पूछा – बाबा, नानी के यहां कब जाओगे?

उधर सर्वे से उत्साहित मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं में अब राहुल बाबा का खौफ खाए जा रहा है। उन्हें डर है कि कहीं संभावित हार से बौखलाए अमित शाह कुछ ऐसा न कर दें कि राहुल इन राज्यों के दौरों पर चले आए। इसलिए कांग्रेसी नेताओं ने अहमद पटेल के जरिए पूछवाया है कि राहुलजी नानी के यहां कब जाएंगे।

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पद के दावेदार ने दबी जुबान में hindisatire से कहा, ‘राहुल बाबा को नानी के पास जाए काफी वक्त हो गया है। बीच-बीच में उन्हें वहां जाते रहना चाहिए। वे चाहे तो अभी वहां जा सकते हैं। विधानसभा चुनाव हम संभाल ही लेंगे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर राहुलजी खुद नहीं जाएंगे तो हम सबको मजबूर होकर सोनियाजी से मिलकर उन्हें चुनाव तक नानी के यहां भिजवाने का आग्रह करना होगा।’

(Disclaimer : यह खबर कपोल कल्पित है। इसका मकसद केवल राजनीतिक कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)