Knowledge : क्या RSS में कोई मुस्लिम या ईसाई शामिल हो सकता है? जानें संघ के 10 Rare फैक्ट्स

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हिंदी सटायर नॉलेज डेस्क। भाजपा और एनडीए संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि हमें अल्पसंख्यकोें का भी भरोसा जीतना है। लेकिन यहां सवाल यह है कि भाजपा को जिस संघ परिवार से वैचारिक भोजन मिलता है, उसमें मुस्लिमों या ईसाइयों के लिए क्या है? क्या कोई मुस्लिम या ईसाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में शामिल हो सकता है? इस मौके पर जानते हैं RSS के बारे में 10 Rare Facts :

1. RSS की स्थापना के समय इसके संस्थापक कितने साल के थे?

27 सितंबर, 1925 को विजयादशमी के दिन महाराष्ट्र के नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। स्थापना के समय हेडगेवार केवल 36 साल के थे। वही पहले सरसंघचालक भी बने। नागपुर में ही RSS का हेडक्वॉर्टर बनाया गया।

2. संघ की पहली शाखा में कितने लोग शामिल हुए थे?

संघ की पहली शाखा में केवल 5 लोगों ने हिस्सा लिया था। मई 2019 के तक आंकड़ों के अनुसार आज साढ़े छह लाख से भी अधिक लोग संघ के सदस्य हैं।

3. अब तक RSS में कितने सरसंघचालक (RSS Head) हुए हैं।

92 साल के इतिहास में केवल छह सरसंघचालक हुए हैं। ये हैं : केबी हेडगेवार, एमएस गोलवलकर, मधुकर दत्तात्रेय देवरस, राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया), केएस सुदर्शन और मोहन भागवत।

4. क्या RSS में कोई मुस्लिम या ईसाई शामिल हो सकता है?

हां। लेकिन वही मुस्लिम या ईसाई जो हिंदुत्व में विश्वास करता है। यानी RSS में शामिल होने वाले को हिंदू धर्म का पालन करना होगा (ऐसा RSS ने ऑफिशियली नहीं कहा है, लेकिन उसका मतलब यही निकलता है)। संघ का मानना है कि भारत में जितने भी मुस्लिम या ईसाई हैं, उनके पुरखे मूलत: हिंदू ही हैं। इसलिए मुस्लिमों या ईसाइयों को RSS का सदस्य बनाने में कोई समस्या नहीं है। हालांकि मुस्लिमों के लिए RSS ने एक अलग ब्रांच भी बचा रखी है – मुस्लिम राष्ट्रीय मंच।

5. क्या RSS में कोई महिला शामिल हो सकती है?

नहीं। यह केवल पुरुषों के लिए है। महिलाओं के लिए दूसरा संगठन है – राष्ट्र सेविका समिति। इस समिति का भी वही मकसद है, जो संघ का है।

6. क्या RSS पर कभी बैन भी लग चुका है?

हां, एक बार नहीं, बल्कि 3 बार। 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या के बाद तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में RSS पर 4 फरवरी को बैन लगा दिया था। आरोप साबित नहीं होने पर 12 जुलाई 1949 को ये बैन हटा भी लिया गया। दूसरी बार 1975 में इमरजेंसी के दौरान लगा। तीसरी बार प्रतिबंध 1992 में बाबरी मस्जिद गिरने के बाद लगाया गया।

7. क्या RSS ने गणतंत्र दिवस की परेड में भी भाग लिया?

साल 1963 की गणतंत्र दिवस परेड में RSS को पहली बार भाग लेने का अवसर मिला था। तत्कालीन पीएम जवाहरलाल नेहरू ने संघ को इनवाइट किया था। संघ के 3000 स्वयंसेवकों ने पूरी गणवेश पहनकर इसमें हिस्सा लिया था।

8.  1965 में भारत-पाक युद्ध के समय RSS ने क्या किया था? 

इस युद्ध के समय तत्कालीन पीएम लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर संघ ने दिल्ली में यातायात व्यवस्था संभाली थी। ऐसा सरकार ने इसलिए किया था ताकि वह ट्रैफिक पुलिस का यूज युद्ध कार्यों में कर सके।

9. क्या RSS ने ड्रेस कोड के रूप में खाकी नेकर बदल दी है?

हां। संघ ने 90 साल बाद यानी 2016 में अपनी ड्रेस में बदलाव करते हुए हाफ खाकी नेकर की जगह फुल ब्राउन पैंट तय कर दी है। यानी अब संघियों पर ‘चढ्‌ढा’ जैसी तोहमत नहीं लगाई जा सकती।

10. कश्मीर के भारत में विलय को लेकर RSS का क्या रोल रहा है?

कश्मीर का भारत में विलय करवाने के लिए सरदार पटेल ने तत्कालीन सरसंघचालक एमएस गोलवलकर को कश्मीर के महाराजा हरिसिंह को मनाने का जिम्मा सौंपा था। इस पर गोलवलकर 18 अक्टूबर 1947 को हरिसिंह से मिले थे। 26 अक्टूबर को हरिसिंह ने कश्मीर के भारत में विलय संबंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि इस बीच पाकिस्तान ने कश्मीर पर हमला कर दिया था जिससे मामला उलझ गया। नहीं तो समस्या का समाधान तभी हो जाता।

(Content Source: RSS की वेबसाइट और अन्य एकेडेमिक दस्तावेज)

(Disclaimer : खबर में यथासंभव फैक्ट्स को क्रॉसचेक किया गया है। फिर भी कहीं यूज करने से पहले अपने लेवल पर भी इनकी पड़ताल करना अपेक्षित है।)

 

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