ये किसानवा, ‘किसान जैम’ के साथ सैंडविच क्यों नहीं खाता!!!

किसान , kisan

By Jayjeet 

अब वक्त है एक ब्रेक का…

ब्रेक के दौरान न्यूज चैनल का एंकर सुस्ताते हुए दूसरी एंकर से, “अरे यार, किसान किसान बोलकर तो पक गए हैं।”
दूसरी एंकर, “यू नो, मुझे तो अब पता चला कि किसान कोई आदमी होता है।”
“मतलब?” पहला एंकर आश्चर्य से।
“मैं तो किसान मतलब किसान जैम समझती थी, हां..! मम्मा ने मुझे बचपन से ही किसान जैम के साथ ही सैंडविच खिलाया है।” दूसरी एंकर।
“ओ हो, तुमने तो मेरे मुंह में पानी ला दिया। वाकई सैंडविच के साथ किसान जैम का जवाब नहीं। वैसे मैं तो किसान जैम ऐसे ही चम्मच से खा लेता था।” पहला एंकर।
“तो अगले ब्रेक में बुलवा लेते हैं सैंडविच विद किसान जैम.. ओ भैया ब्रेक के बाद दो सैंडविच बुलवा लेना। किसान का जैम डलवाना मत भूलता।” दूसरी एंकर।
असिस्टेंट बॉय, “ओके मैम!”
चल तैयार हो जा.. ब्रेक खत्म होने वाला है।….पहला एंकर।

ब्रेक के बाद आपका फिर स्वागत है…
पहला एंकर : आज देश में किसान की स्थिति बहुत ही भयावह हो चुकी है।
दूसरी एंकर: वह दो पाटों के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ खराब मौसम है तो दूसरी ओर साहूकार व दलाल।
पहला एंकर : दाेनों उसे यूं दबाते हैं, मानों किसान कोई स्टफ हो ब्रेड के बीच फंसा हुआ…

और अब वक्त है एक ब्रेक का…
पहला एंकर (सैंडविच खाते हुए) : “आज तो किसान की स्थिति यह हो गई है कि वह अन्न खुद उपजाता है लेकिन उसे ही खाने के लाले पड़े रहते हैं।”
दूसरी एंकर (सैंडविच के साथ फ्रूटी पीते हुए): बट आई कान्ट अंडरस्टैंड दिस। क्यों खाने के लाले? बाजार भरे पड़े हैं खाने की चीजों से। अरे भई, कुछ नहीं तो सैंडविच ही बुलवा लों। इतना भी नहीं कर सकता क्या किसान!!!

ब्रेक के बाद आपका फिर स्वागत है….!!!