गधों से लेकर राहुल तक… अखिलेश ने दिए ऐसे बेबाक और Funny जवाब

akhilesh yadav interview funny

लखनऊ। उप्र के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दिनों पूरे चुनावी मूड में हैं। इसी दौरान hindisatire.com के विशेष संवाददाता Dhamaal ने उनसे खास बातचीत की। पढ़ें (हंसें और भूल जाएं) इसी बातचीत के मुख्य अंश :

Hindisatire : शुरुआत आपके गधे वाले बयान से। क्या हैं इसके मायने?
अखिलेश : यह राजनीतिक बयान नहीं है। हर बयान को राजनीति से जोड़ना ठीक नहीं है। मैंने इसमें प्योर गधों की ही बात की है। इसको लेकर मेरा अमिताभजी से विनम्र निवेदन यही था कि उन्हें भेदभाव नहीं करना चाहिए। अगर वे गुजरात के गधों का प्रचार कर सकते हैं तो यूपी के गधों का क्यों नहीं? हमने, मतलब हमारे गधों ने उनका क्या बिगाड़ा है? इस समय तो यहां चुनाव भी चल रहे हैं। ढेरों गधे मिल जाएंगे जिनका वे प्रचार कर सकते हैं। अगर गधों का नहीं कर सकते तो आजम जी भैंसों का ही कर लें।

Hindisatire : नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राज्य में बिजली को लेकर एक गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने बातों ही बातों में कह दिया है कि आपको ईद की ज्यादा फिक्र रहती है, बनिस्बत दिवाली के।
अखिलेश : मोदीजी तथ्यों की पड़ताल करके नहीं बोलते। इस बारे में उन्होंने जो कहा, बिल्कुल गलत कहा। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि अगर हम ईद के दिन बिजली देते हैं तो दिवाली के पांच दिन भी पूरे राज्य में बिजली जरूर रहती है। सत्ता में वापसी पर हम कोशिश करेंगे कि हर त्योहार पर हम लोगों को बिजली दे सकें।

Hindisatire : कहा जा रहा है कि आपने राहुल गांधी के साथ समझौता करके अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है।
अखिलेश : नहीं। आपको अंदर की डील नहीं मालूम, इसलिए आप ऐसा कह रहे हैं। मैं ऑफ द रिकॉर्ड कुछ चीजें बताना चाहूंगा और इसे आप भी ऑफ द रिकॉर्ड ही छापना। राहुल के साथ सबसे बड़ी डील यह हुई है कि राहुल गांधी उन सीटों पर भाजपा का प्रचार करेंगे जहां भाजपा के उम्मीदवार मजबूत स्थिति में हैं। राहुल ऐसा ही कर रहे हैं। नतीजा देखिए, आज भाजपा बैकफुट पर है और हम जीतने जा रहे हैं।

Hindisatire : सुनने में आया है कि राहुल ने डील बतौर आपको बहुत सारी चंपक और चाचा चौधरी की कॉमिक्स भेंट की है?
अखिलेश : राहुल जी मेरे पास चंपक और बहुत सारी कॉमिक्स लाए थे, लेकिन केवल यह दिखाने के लिए कि उत्तरप्रदेश के युवाओं के लिए ये कितनी इंस्पायरिंग बुक्स हैं। वे एक साझा घोषणा पत्र जारी करवाना चाहते थे जिसमें युवाओं को हर माह चंपक और कॉमिक्स प्रोवाइड करने का प्रावधान होता। लेकिन बात बनी नहीं।

Hindisatire : आप पर आरोप है कि राहुल जब भाषण देते हैं तो आप स्टेज पर बैठकर हंसते रहते हैं?
अखिलेश (हंसते हुए) : नहीं। यह आरोप निराधार है। दरअसल, उस समय मैं कानों में हेडफोन लगाकर गाने सुन लेता हूं। न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी! तो हंसी कहां से आएगी? हां, कभी-कभी उनके कुछ पुराने जोक्स याद आ जाते हैं तो चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। अब क्या आदमी मुस्कुराए भी नहीं।

Hindisatire : एक सवाल नेताजी पर। मुलायम सिंह कहते हैं कि आप जिद्दी हैं, उनकी सुनते नहीं हैं? कितना सच है?
अखिलेश : पूरा सच है। कोई आदमी बात तभी तो सुन सके जब उसे कुछ समझ में आए। हां, लेकिन मैं उनकी दिल की भाषा समझता हूं।

Hindisatire : अंतिम सवाल। अगर आप सत्ता में आए तो राज्य के विकास की क्या योजनाएं रहेंगी?
अखिलेश : इसका खुलासा मैं जल्दी ही यानी 2022 के राज्य चुनावों के दौरान अपने अगले घोषणा पत्र में करूंगा। तब तक मेरे बच्चे भी राजनीति समझने लगेंगे।

(Disclaimer : यह इंटरव्यू कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और राजनीतिक फिरकी लेना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)