Tuesday, August 3, 2021
Kaka Hathrasi

Kaka Hathrasi

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काका हाथरसी की हास्य कविता : बापू के तीन बंदर

महात्मा गांधी यानी बापू के तीन बंदरों पर जाने-माने हास्य व्यंग्य कवि काका हाथरसी भी कविता लिखने से स्वयं को नहीं रोक पाए। इस...
kaka hathrasi काका हाथरसी बजट पर हास्य कविता

हिंदी की दुर्दशा पर कैसे चिंतित थे काका हाथरसी, आप भी पढ़िए यहां

बटुकदत्त से कह रहे, लटुकदत्त आचार्य सुना? रूस में हो गई है हिंदी अनिवार्य है हिंदी अनिवार्य, राष्ट्रभाषा के चाचा- बनने वालों के मुंह पर क्या पड़ा...
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काका हाथरसी ने जब वकीलों को यूं लिया था हाड़े हाथ…

नर्क का तर्क – काका हाथरसी स्वर्ग-नर्क के बीच की, चटख गई दीवार कौन कराए रिपेअर, इस पर थी तकरार इस पर थी तकरार, स्वर्गवासी थे सहमत आधा-आधा...
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काका हाथरसी की हास्य कविता ‘सावधान’

नेताजी जब आपसे, स्वयं मिलाए हाथ समझो गहरा राज है, भैया भोलानाथ भैया भोलानाथ, दाल में कुछ काला है भला-बुरा कुछ-न-कुछ, आज होने वाला है हाथ छुड़ाकर सर्वप्रथम,...
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काका हाथरसी की हास्य कविता ‘सवाल में बवाल’

काका हाथरसी रिंग रोड पर मिल गए, नेताजी बलवीर कुत्ता उनके साथ था, पकड़ रखी जंजीर पकड़ रखी जंजीर, अलसियेशन था कुत्ता नेता से दो गुना, भाैंकने का...
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काका हाथरसी की हास्य-व्यंग्य कविता – धर्म निरपेक्षता

Kaka Hathrasi संविधान का सम्मान करते हुए हमने धर्म-निरपेक्षता का पेटा भर दिया है बच्चों की पहली पुस्तक से 'ग' माने गणेश हटाकर 'ग' माने गधा कर दिया...
Kaka Hathrasi Poems काका हाथरसी की हास्य कविता

सफल नेता (काका हाथरसी)

सफल राजनीतिज्ञ वह, जो जन-गण में व्याप्त जिस पद को वह पकड़ ले, कभी न होय समाप्त कभी न होय समाप्त, घुमाए पहिया ऐसा पैसा से पद...
Kaka Hathrasi Poems काका हाथरसी की हास्य कविता

खटमल-मच्छर युद्ध (काका हाथरसी)

'काका' वेटिंग रूम में फंसे देहरादून। नींद न आई रात भर, मच्छर चूसे खून॥ मच्छर चूसे खून, देह घायल कर डाली। हमें उड़ा ले ज़ाने की योजना...

रिश्वतरानी की महिमा (काका हाथरसी)

रिश्वतरानी धन्य तू, तेरे अनगिनत नाम हक, पानी, उपहार और बख्शीस, घूस, इनाम। बख्शीस, घूस, इनाम, भेंट, नजराना, पगड़ी तेरे कारण 'खाऊमल' की इनकम तगड़ी। कहं काका कविराय,...

हूर के बगल में लंगूर (काका हाथरसी)

हुस्न के दीवानों से कोई ये भी तो पूछ ले दुनिया की नजरों से घूरती निगाहों से हुस्न को संभाल कर कैसे रखेंगे? कैसे उनके नाज़ नखरे उठाएंगे? नाज़ुक हाथों से रोटियां कैसे...