OK की जगह ‘K’ लिखने से बचा कीमती वक्त, GDP में हुआ 2 फीसदी का इजाफा

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नई दिल्ली। मैसेजेस अौर टेक्स्ट बॉक्स में OK की जगह केवल K लिखने से हमने पिछले साल भर में एक लाख 72 हजार घंटों का कीमती वक्त बचा लिया है। इससे प्रोडक्टिविटी बढ़ने से देश की GDP में दो फीसदी का इजाफा हुआ है। यह खुलासा इंडियन इकोनॉमी अफेयर्स की एक रिपोर्ट में हुआ है।

यहां जारी इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले एक साल के दौरान 32 करोड़ लोगों ने OK की जगह केवल K लिखा है। इससे न केवल लिखने वालों, बल्कि पढ़ने वालों के समय में भी काफी बचत हुई है। इस समय का इस्तेमाल इन लोगों ने अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में किया है। रिपोर्ट के सह-लेखक डॉ. जयेश भाई झुनझुनावाला के अनुसार अगर यह ट्रेंड तेजी से बढ़ता है तो आने वाले पांच सालों में हम दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएंगे।

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है।)