सावधान ! गंगा में डुबकी लगाने पर चिपक रहे हैं दूसरों के ‘पाप’

गंगा में डुबकी, केजरीवाल की डुबकी, योगी की गंगा में डुबकी

नई दिल्ली/इलाहाबाद। गंगा नदी के प्रदूषण पर तैयार की गई एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें सर्वाधिक प्रदूषणकारी तत्व ‘पाप’ पाया गया है। रिपोर्ट तैयार करने वाली कमेटी ने आगाह किया है कि बीते करीब दो सौ सालों के दौरान इस नदी में इतने पाप घुल-मिल गए हैं कि अब नए पापों को धोने में दिक्कत आ रही है। यहां तक कि पाप धुलवाने के लिए डुबकी लगाने के बाद इसमें से निकला व्यक्ति और भी ‘पापी’ हो रहा है क्योंकि उस पर दूसरों के पाप भी चिपककर आ रहे हैं।

द कमेटी ऑन गंगा वॉटर पॉल्यूशन द्वारा प्रधानमंत्री को सौंपी रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज कुंभ के बाद तो इसमें पाप नामक प्रदूषणकारी तत्व में और भी इजाफा पाया गया है। कमेटी के अनुसार गंगा में रोजाना 90 लाख टन से भी ज्यादा पाप धोए जा रहे हैं। इससे गंगा में पाप का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि अब यह इसमें डूबकी लगाने वालों को और ज्यादा पापों से संक्रमित करने लगी है। कमेटी ने ऐसे करीब 10 हजार से भी अधिक मामलों की स्टडी की है, जिसमें गंगा में नहाने वाला व्यक्ति बाद में और ज्यादा ‘पापी’ हो गया। 

(Disclaimer : यह कटाक्ष गंगा पर नहीं, इसे प्रदूषण करने वालों पर है। )