रुपए में गिरावट से नेताओं में दहशत, कहा – अगर गिरना ही है तो हमारी तिजोरियों में गिरे

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हिंदी सटायर डेस्क, नई दिल्ली। रुपया लगातार गिरता जा रहा है। रुपए में गिरावट से देशभर के नेताओं में चिंता की लहर दौड़ गई है। तमाम नेताओं ने एक स्वर में रुपए की गिरावट को नेताओं के गिरने के अधिकार का उल्लंघन करार दिया है। नेताओं को इस बात की चिंता सता रही है कि अगर रुपया इसी तरह गिरता रहा तो उनका कोई नामलेवा भी नहीं बचेगा।

देश की राजधानी में मंगलवार की रात को तमाम राजनीतिक दलों के नेताओं ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर रुपए में लगातार गिरावट के विरोधस्वरूप कैंडल मार्च निकाला। जहां अन्य दलों के नेताओं ने खुद को रुपए से ज्यादा गिरा बताने का दावा किया, वहीं केजरीवाल के क्लोन ने कहा, “हमें राजनीति में आए अभी ज्यादा वक्त नहीं हुआ है। हम लगातार गिरने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसे में बीच में अचानक रुपए को लाना मोदीजी की साजिश है।”

सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग, बने कानून :

इस संबंध में नेता बिरादरी ने प्रधानमंत्री से एक सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस मामले में कोई कार्रवाई करने की जरूरत जताई है। नेताओं का कहना है कि गिरना हमारा अधिकार है। अगर कोई हमसे ज्यादा गिरता है तो इस संबंध में कानून बनाकर उस पर बैन लगाना चाहिए। एक नेता ने कहा, “रुपया लगातार गिर रहा है, यह एक अनैतिक कृत्य है। हमें तत्काल ऐसे कानून की जरूरत है जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल नेता गिरेगा। अगर रुपए को गिरना ही है तो वह केवल नेताओं के घरों की तिजोरिये में ही गिरेगा।”

राज्यों में भी दहशत और विरोध :

लखनऊ में एक गुंडे टाइप नेता ने कहा, “हम रोज सुबह उठते ही गिरने-गिराने का काम शुरू कर देते हैं। चढ़ने का काम केवल एसयूवी पर करते हैं। तो ये ससुरा रुपया हमारी जगह कैसे ले रहा है?” इसी तरह मप्र की राजधानी भोपाल में एक नेता ने इस संवाददाता से कहा, “हमने क्या-क्या नहीं किया। व्यापमं तो इंतिहा थी। और तुम मीडिया वाले रोज लिखे जा रहे हो- रुपया गिर रहा है। ..अरे भई गिरने का अधिकार तो मत दो किसी और को।”

(Disclaimer : यह खबर कपोल-कल्पित है। इसका मकसद केवल स्वस्थ मनोरंजन और राजनीतिक कटाक्ष करना है, किसी की मानहानि करना नहीं।)