It’s Not Funny : मित्रो, इस लीकेज की चिंता कौन करेगा?

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मित्रो, इस गिलास में क्या है? आप जानते हैं? इसमें है जिंदगी का पूरा सार। लेकिन हम इसकी चिंता नहीं कर रहे। हम तो डेटा लीकेज की चिंता में मरे जा रहे हैं…

हिंदी सटायर डेस्क। अति क्रांतिकारी…. होता, अगर मोदीजी वाकई ऐसी बात करते…। लेकिन मोदीजी से लेकर पूरा देश तो इस समय डेटा लीकेज को लेकर चिंतित हो रहा है। नो डाउट, यह भी क्रांतिकारी है। डेटा लीकेज पर चिंतित होना अच्छी बात है, लेकिन इससे भी ज्यादा चिंतित करने वाला लीकेज वह है, जो तस्वीर में मोदीजी के हाथ में है… क्या समझ में नहीं आया? तो पहले जरा कुछ फैक्ट्स पर गौर फरमा लेते हैं :

1. मुंबई में पानी की जितनी सप्लाई होती है, उसका 25 फीसदी हिस्सा लीकेज में चला जाता है। लीक में बर्बाद होने वाले इस पानी की मात्रा 90 करोड़ लीटर सालाना है। यह डेटा दो साल पुराना है। उम्मीद है, अब बड़ा ही होगा। (यह जानकारी दो साल पहले महाराष्ट्र के शहरी विकास मंत्री रणजीत पाटिल ने दी थी। तो जाहिर है अथेंटिक ही होगी।)

2. दिल्ली राजधानी है तो मान सकते हैं मुंबई से आगे ही होगा। ASSOCHAM की स्टडी के अनुसार वहां 40 फीसदी पानी या तो लीक हो जाता है या फिर चोरी चला जाता है। (चोरी का माल यानी फ्री का माल, तो इसका भी अंधाधुंध यूज होता ही होगा।)

3. यह तो केवल देश के दो बड़े शहरों पर आई रिपोर्ट है। देश के हर उस शहर जहां स्थानीय निकाय पानी की सप्लाई करते हैं, में पाइप लाइनों से रिसाव आम प्रॉब्लम है। लेकिन इससे भी बड़ी प्रॉब्लम यह है कि इसको कोई प्रॉब्लम ही नहीं मानता।

सरकार को कोस लिया, हम अपनी बारी …

ऊपर के फैक्ट तो सरकार/प्रशासन के निकम्मेपन को दर्शाते हैं। अब अपना निकम्मापन देख लेते हैं :

– पिछले साल आई एक रिपोर्ट में लगाए गए अनुमान के अनुसार भारत के शहरी क्षेत्रों में हर तीन में से एक मकान में कोई न कोई नल/शॉवर जरूर टपकता है। कई मकानों में ओवरहेड टैंक ओवरफ्लो करते हैं। हमें इसकी चिंता नहीं होती क्योंकि हमें लगता है कि इतना थोड़ा-सा पानी बचाकर क्या कर लेंगे? इतना पानी तो कार धोने में ही खर्च कर देते हैं।

– अब जानिए कि एक नल से टप-टप करते पानी का मूल्य : अमेरिका की एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (EPA) के अनुसार अगर आपके घर के किसी एक नल से एक मिनट में 10 बूंद पानी लीक हो रहा है तो सालभर में पानी के लीकेज की यह मात्रा 500 गैलन (यानी करीब 2 हजार लीटर) हो जाएगी। यानी मजाक-मजाक में ही हम हर साल 2000 लीटर पानी वेस्ट कर देते हैं। तो इस लीकेज की चिंता ज्यादा जरूरी है।

अमेरिका में मनाया जाता है Fix a Leak Week

लगे हाथ थोड़ी और ज्ञान की बात… अमेरिका में हर साल 19 से 25 मार्च के बीच Fix a Leak Week मनाया जाता है। इस हफ्ते लोगों को याद दिलाया जाता है कि कहीं आपके घर का कोई नल या शॉवर टपक तो नहीं रहा? अगर टपक रहा है तो उसे लीकप्रुफ कीजिए। क्या स्वच्छता अभियान जैसा ‘Fix a Leak’ अभियान हमारे इंडिया में चलाने की जरूरत नहीं है?

(Disclaimer : पूरी खबर तथ्यों पर आधारित है। कोई व्यंग्य या मजाक नहीं।)